यह भी सच है कि विधानसभा के लिए सामाजिक दूरी के नियम के कारण वर्चुअल सत्र कराना भी मजबूरी ही है। सदन में छह गज की दूरी से कुल 42 सदस्यों के लिए ही व्यवस्था हो पा रही है।
वह भी दर्शक दीर्घा, अधिकारी कक्ष का उपयोग करने के कारण। विधानसभा के 70 सदस्य हैं। इस बार सल्ट की एक सीट खाली है। नामित सदस्य को मिलाते हुए विधानसभा को फिर भी 70 के लिए ही व्यवस्था करनी है।
तीन दिन का विधानसभा सत्र इस बार भी सामाजिक दूरी का पालन करते हुए, वर्चुअल और सभा मंडप में कुछ विधायकों की उपस्थिति की व्यवस्था के तहत आयोजित किया जाएगा। इस बार तीन दिन का सत्र है तो तैयारी भी अधिक ही रखनी होगी। बीच में कोरोना का संक्रमण कुछ कम हुआ था लेकिन अब फिर संक्रमण बढ़ने की जानकारी मिल रही है। विधानसभा में प्रवेश करने वालों के कोविड टेस्ट होंगे।
-प्रेमचंद अग्रवाल, विधानसभा अध्यक्ष
मैं पिछली बार कोविड पॉजिटिव होने के कारण सत्र में शामिल ही नहीं हो पाया था। जहां तक वर्चुअल सत्र का सवाल है, मैं और अन्य कई विधायक इसके पक्ष में नहीं है। जब अनलॉक का दौर है और बाकी सब जगह छूट दी जा रही है तो विधानसभा के लिए ही यह कायदा क्यूं। हम इसका विरोध करेंगे और परंपरागत रूप से सदन को आहूत करने पर जोर देंगे।
-करन माहरा, उप नेता कांग्रेस विधायक दल