कर्मकार बोर्ड के मामले में श्रम मंत्री हरक सिंह रावत ने कहा कि महालेखाकार का ऑडिट पूरा होने के बाद वह मुंह तोड़ जवाब देंगे। स्पेशल ऑडिट को लेकर उन्होंने सवाल उठाया कि 2012 से ऑडिट नहीं हुआ। ऑडिट कराने की जिम्मेदारी मंत्री की नहीं होती।
उन्होंने कहा कि एजी ऑडिट कर रहा है, उससे बड़ा कोई ऑडिट नहीं है। कहा कि एजी का ऑडिट पूरा हो जाए। वह पूरे तथ्य के साथ सबको मुंह तोड़ जवाब देंगे। उन्हें इस मामले को लेकर इसलिए परवाह नहीं है क्योंकि तीन साल में उन्होंने प्रदेश के लोगों की मदद की है। वो सभी आज उनके साथ खड़े हैं। उनकी दुआएं उनके साथ हैं।
उत्तराखंड में नहीं पंजाब में चुनाव लड़ाएंगे हरीश रावत
भाजपा सरकार के मंत्री हरक सिंह रावत ने दावा किया कि कांग्रेस हाईकमान ने संदेश साफ कर दिया है कि 2022 का विधानसभा चुनाव हरीश रावत उत्तराखंड में नहीं पंजाब में लड़ाएंगे। कुछ दिन पूर्व ही कुमाऊं मंडल में हरीश रावत समर्थक नेताओं ने उनके नेता के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव कराने की मांग उठाई थी। हरक का बयान हरीश रावत और उनके समर्थकों पर निशाने के तौर पर माना जा रहा है।
हरक ने तर्क दिया कि उत्तराखंड और पंजाब दोनों राज्यों में एक साथ चुनाव हैं। कांग्रेस हाईकमान चाहता तो उन्हें पंजाब राज्य को छोड़कर किसी अन्य राज्य का प्रभार सौंप सकता था, लेकिन उन्हें उत्तराखंड की विधानसभा से दूर करने के लिए पंजाब का प्रभारी बनाया गया। उन्होंने हरीश रावत को सुझाव दिया कि उन्होंने राजनीति में सबकुछ हासिल कर लिया है, वह केंद्र की राजनीति में सक्रिय हैं। अब उन्हें खुद ही उत्तराखंड की राजनीति से दूर हो जाना चाहिए।