उत्तराखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन यानी आज बृहस्पतिवार को प्रदेश सरकार अनुपूरक बजट पेश किया। सरकार ने प्रदेश में वेतन, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार को लेकर करीब 2533. 90 करोड़ के बजट को पेश किया।
इस दौरान तीन विधेयक(इसके अलावा सदन में बुधवार को पेश हुए उत्तराखंड फल पौधशाला (विनियमन) विधेयक, उत्तराखंड राज्य विधानमंडल (अनर्हता निवारण)(संशोधन) विधेयक और उत्तराखंड माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक ) का विधेयर पारित किया गया। साथ ही छह नए विधेयर पेश किए गए। हालांकि इस बार 4200 करोड़ रुपये के बजट की उम्मीद थी।
इसके अलावा उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश औद्योगिक विवाद अधिनियम, 1947) (संशोधन) विधेयक, व्यवसाय संघ (उत्तराखंड संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड मंत्री (वेतन, भत्ता और प्रकीर्ण उपबंध)(संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड जैविक कृषि विधेयक, उत्तराखंड (उत्तरप्रदेश लोक सेवा) (शारीरिक रूप से विकलांग, स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रित और पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण) अधिनियम, 1993)(संशोधन) विधेयक, उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद अिधिनयम, 2001(संशोधन) अधिनयम सदन पटल पर रखे गए।
उधर, विधानसभा में कार्यस्थगन प्रस्ताव के तहत विपक्ष ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान और रानीखेत विधानसभा में पर्यावरणीय स्वीकृति के बावजूद सड़क न बनाए जाने को लेकर विधानसभा में वेल में आकर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया। पूर्व कांग्रेस सरकार के समय स्वीकृत हुई सड़क को बनाए जाने का ठोस आश्वासन न मिलने से नाराज रानीखेत के विधायक करन महरा वेल में आकर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनके समर्थन में बाकी विपक्षी सदस्य भी वेल में आ गए। इस दौरान उन्होंने जमकर नारेबाजी की।