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उत्तराखंड विधानसभा में उठी मांग, एनडी तिवारी के नाम से जाना जाए राज्य का यह विश्वविद्यालय

Wed, 05 Dec 2018 09:07 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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ND Tiwari
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विधानसभा सत्र के पहले दिन की पूरी कार्यवाही पूर्व सीएम एनडी तिवारी को समर्पित रही। सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अपने-अपने अंदाज में ‘पंडित जी’ को याद किया। हर किसी के पास सुनाने के लिए एनडी तिवारी से जुडे़ कई संस्मरण थे। फिर चाहे सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत हों, कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत हों या फिर नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश।

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जोर इस बात पर भी रहा कि ‘विकास पुत्र’ की याद को चिर स्थायी बनाने का इंतजाम भी होना चाहिए। इस क्रम में दून विश्वविद्यालय का नामकरण एनडी तिवारी के नाम से करने की मांग भी उठी। कांग्रेस विधायक ममता राकेश और मनोज रावत इस मांग के साथ खडे़ दिखाई दिए। भीमताल से निर्दलीय विधायक राम सिंह कैड़ा ने एनडी के नाम से कुमाऊं विश्वविद्यालय के नामकरण की भावना प्रकट की।
 

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एनडी को याद करते हुए नए और पुराने हर सदस्य की आंखों में चमक दिखी

अपने जन्मदिन पर ही 18 नवंबर को चिर निंद्रा में लीन हुए एनडी तिवारी के व्यक्तित्व से जुड़ी एक-एक बात पर सदन में चर्चा हुई। एनडी को याद करते हुए नए और पुराने हर सदस्य की आंखों में चमक दिखी। भावपूर्ण स्मरण की शुरुआत सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत से हुई। इसके बाद, कैबिनेट मंत्री प्रकाश पंत, मदन कौशिक, डॉ.हरक सिंह रावत, यशपाल आर्या, नेता प्रतिपक्ष डॉ.इंदिरा हृदयेश, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष व चकराता विधायक प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री व निर्दलीय विधायक प्रीतम सिंह पंवार, भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान, देशराज कर्णवाल जैसे नेता इस चर्चा को आगे तक ले गए।

सभी वक्ताओं ने एनडी के व्यक्तित्व को विराट बताया। उनके काम करने के अंदाज, संसदीय परंपराओं में उनके विश्वास, दलगत राजनीति से दूर परस्पर संबंधों को तवज्जो देने, नए सदस्यों का मार्गदर्शन और विकास की सोच जैसी एनडी की खासियत पर सबने अपने अपने तरीके से बहुत कुछ कहा। एनडी की याद में दो मिनट का सदन में मौन भी रखा गया।
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