फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand Assembly Session: कमजोर माने जा रहे विपक्ष ने सदन में दिखाए तेवर, मुद्दों को धार देते नजर आए सदस्य

Sat, 18 Jun 2022 01:17 PM IST
रेनू सकलानी विनोद मुसान, अमर उजाला, देहरादून

सार

सदन में संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, परिवहन मंत्री चंदन रामदास विपक्ष के सवालों से असहज नजर आए। सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों ने चर्चा में शामिल होकर विपक्ष का काम और आसान कर दिया।
विज्ञापन
उत्तराखंड विधानसभा सत्र - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

अपनी अंदरूनी राजनीति में अंतर्कलह से जूझ रही कांग्रेस पार्टी ने बजट सत्र में एकजुटता दिखाते हुए मजबूत विपक्ष की धमक दिखाई। पार्टी ने सदन में जनहित से जुड़े तमाम मुद्दों पर मजबूती से अपनी बात रखी और कई मामलों में सरकार को घेरने में कामयाब रही।

विज्ञापन


विपक्ष ने पहले ही दिन बजट सत्र ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के बजाए देहरादून में बुलाए जाने पर एतराज जताते हुए सदन के बाहर और भीतर खूब हंगामा किया। बेरोजगार युवाओं से जुड़े मुद्दे को भी पार्टी के विधायकों ने जोर-शोर से सदन में उठाया। सत्र के दूसरे और तीसरे दिन अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के माध्यम से समूह-ग के पदों और विधानसभा में हुई भर्तियों में घपले का आरोप लगाते हुए यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया।

वहीं, प्रदेश में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरणों से ग्रामीण क्षेत्रों में होने वालीं परेशानियों के मुद्दे पर पूरा विपक्ष एकजुट नजर आया। इस मामले में पार्टी को बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद और सरबत करीम अंसारी के साथ निर्दलीय विधायक उमेश कुमार का भी साथ मिला।
विज्ञापन


विपक्ष ने सहकारिता विभाग में डीसीबी में हुई चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों की भर्ती में घोटाले का आरोप लगाया तो सरकार को एसआईटी जांच का आदेश देना पड़ा। वन्यजीवों से फसलों को नुकसान में मुआवजे को लेकर भी सरकार को नियमावली में संशोधन का आश्वासन देना पड़ा।

विपक्ष के सवालों से असहज नजर आए मंत्री 

सदन में संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज, ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी, परिवहन मंत्री चंदन रामदास विपक्ष के सवालों से असहज नजर आए। सत्ता पक्ष के कुछ विधायकों ने चर्चा में शामिल होकर विपक्ष का काम और आसान कर दिया।

लगातार बढ़ते कर्ज पर सरकार को घेरा 

विपक्ष ने राज्य में लगातार बढ़ रहे कर्ज और देनदारियों के मुद्दे पर भी सरकार की घेराबंदी की। आरोप लगाया कि बीते पांच साल में सरकार ने इतना कर्ज कर दिया है, जितना पिछले 17 सालों में नहीं लिया था। ऐसे में आने वाले दिनों में प्रदेश भारी आर्थिक संकट से जूझ सकता है। 

बजट खर्च पर भी उठाए सवाल

सरकार की ओर से बजट खर्च नहीं कर पाने के मुद्दे पर भी विपक्ष हमलावर रहा। आरोप लगाया कि वर्ष 2017-18 से लेकर 2021-22 के दौरान किसी भी वित्तीय वर्ष में सरकार का खर्च 70 फीसदी से अधिक नहीं रहा। हर वर्ष 30 से 35 फीसदी राशि कम खर्च हुई। 
विज्ञापन

ये मुद्दे भी उठाए

विपक्ष ने आपदा प्रभावितों के पुनर्वास, अस्पतालों से हटाए गए सैकड़ों कर्मियों का मामला, वनों में आग, गुज्जरों को भूमिधरी का अधिकार, वनाग्नि प्रबंध समितियों को प्रोत्साहन राशि देने, चारधाम यात्रा में अव्यवस्थाओं का मुद्दा, परिवहन, परिसंपत्तियों सहित सड़क और रोपवे कनेक्टिविटी के मुद्दे भी उठाए।

ये भी पढ़ें...High Alert: यात्रियों से अपील, अगले चार दिन भारी बारिश, इस नंबर पर मौसम-मार्गों की जानकारी लेकर ही आएं उत्तराखंड

नए विधायक भी चमके

मुख्य विपक्षी दल में पहली बार विधायक चुनकर आए भुवन कापड़ी, अनुपमा रावत, विरेंद्र कुमार और सुमित हृदयेश ने विधानसभा के बजट सत्र में अपनी चमक बिखेरी। इन तमाम नए चेहरों ने जनता से जुड़े कई मुद्दों को दमदार तरीके से सदन में उठाया।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें