विपक्ष की ओर से वाकआउट के बाद सदन में ध्वनिमत से नकल विरोधी समेत 12 विधेयक पारित किए गए। रात नौ बजे तक सदन की कार्यवाही चली।
ये विधेयक पारित
1- उत्तराखंड मत्स्य अधिनियम संशोधन 2022
2- उत्तराखंड उत्तर प्रदेश नगर पालिका अधिनियम संशोधन
3- उत्तराखंड उत्तर प्रदेश नगर निगम अधिनियम संशोधन
4- उत्तराखंड पेंशन हेतु अर्हकारी सेवा व विधिमान्यकरण विधेयक
5- उत्तराखंड उत्तर प्रदेश भू-राजस्व अधिनियम 1901 संशोधन
6- उत्तराखंड सहकारी समिति संशोधन
7- उत्तराखंड राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन संशोधन
8- यूनिवर्सिटी आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी रुड़की संशोधन
9- उत्तराखंड सेवा का अधिकार संशोधन
10- उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा भर्ती में अनुचित साधनों की रोकथाम व निवारण के उपाय विधेयक
11- सरकारी अनुदान अधिनियम 1895 संशोधन
12- उत्तराखंड उत्तर प्रदेश जमींदारी विनाश और भूमि व्यवस्था अधिनियम 1950 संशोधन।
कांग्रेस विधायकों के निलंबन के निर्णय पर स्पीकर अडिग
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण कांग्रेस विधायकों के सदन से एक दिन के लिए निलंबन के फैसले पर अडिग है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के विधायक प्रभारी सचिव की मेज पर चढ़े, माइक तोड़ा, पीठ पर कागज फाड़ कर फेंके। इस तरह के व्यवहार पर नियम 298 के तहत निलंबन का निर्णय सही है।
बुधवार को कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने निलंबन की कार्यवाही पर व्यवस्था का प्रश्न उठाया। उन्होंने कहा कि पीठ की ओर से जो निर्णय आता है वह नियमावली के तहत आता है। कांग्रेस विधायकों के निलंबन से पहले नियमों को देखा जाना चाहिए। नियमों अनुसार निलंबन प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री की ओर से रखा जाता है। इसके बाद ही निलंबन की कार्यवाही की जाती है। नियम 297 में स्पष्ट है कि यदि कोई सदस्य शांति व्यवस्था नहीं बनता है तो उसे बाहर जाने के निर्देश दिए जाते हैं। भाजपा विधायक मुन्ना सिंह चौहान और संसदीय कार्य मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने स्पीकर से अनुरोध किया कि निलंबन को सदन की कार्यवाही से निरस्त किया जाए।
स्पीकर ने कहा कि वेल में आकर मेज पर चढ़ना और कागज फाड़ कर फेंकने पर सदस्यों को बाहर जाने निर्देश दिए गए थे। इसके बाद वे सदन में रहे। साथ ही सदन की गरिमा के खिलाफ अनुचित व्यवहार करते रहे। इस पर उन्होंने नियम 298 के तहत निलंबन का निर्णय लिया है, जो उचित है। उधर, सदन शुरू होते हुए स्पीकर ने पीठ से सूचित किया कि जो कुछ हुआ है उससे सदन की गरिमा को ठेस पहुंची है। सदन की गरिमा को बनाने में सत्ता व पक्ष के सदस्य सहयोग करेंगे।