सोमवार को विधानसभा सत्र में विपक्ष के हंगामे के चलते 28 विभागों की अनुदान मांगे केवल 25 मिनट में ही बिना किसी चर्चा के पारित हो गईं। विपक्ष के असहयोग का फायदा उठाते हुए सत्ता पक्ष ने विनियोग विधेयक भी बिना चर्चा के ध्वनिमत से पारित कर दिया।
सदन में अनुदान मांगों का प्रस्ताव ठीक 3 बजकर 20 मिनट पर आया। उस समय विधानसभा उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह चौहान बतौर सभापति सदन का संचालन कर रहे थे और विपक्ष के सदस्य श्राइन बोर्ड विधेयक के विरोध में वैल में धरने पर बैठे हुए थे। पीठ की ओर से सदस्यों से अपनी सीट पर वापस जाने का आग्रह किया जाता रहा।
सदन में ट्रेजरी बैंच में संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक, कृषि मंत्री सुबोध उनियाल और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज मौजूद थे। अधिकतर प्रस्ताव संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने पेश किए। 3.31 पर विधानसभा अध्यक्ष प्रेमचंद अग्रवाल सदन में पहुंचे तो विरोध कर रहे कांग्रेसी सदस्यों ने नारेबाजी भी शुरू की। कुल मिलाकर 28 अनुदान मांगों को 3.35 पर पारित करा लिया गया।
ये अनुदान मांगे हुईं पारित...
विधानसभा 71250
मंत्रि परिषद 260970
विधि एवं न्याय 104350
निर्वाचन 340635
राजस्व एवं सामान्य प्रशासन 156302
वित्त एवं नियोजन 3798573
पुलिस एवं जेल 572624
शिक्षा, खेल एवं संस्कृति 2880173
चिकित्सा एवं परिवार कल्याण 627398
आवास, जलापूर्ति, शहरी विकास 3728506
सूचना 53068
कल्याण योजनाएं 1308980
श्रम एवं रोजगार 485401
कृषि 668698
सहकारिता 42062
ग्राम्य विकास 966554
सिंचाई 2198600
ऊर्जा 285000
लोक निर्माण विभाग 2339000
उद्योग 571600
परिवहन 376500
खाद्य 12675
पर्यटन 305990
वन 914348
पशुपालन 308124
उद्यान 161689
अनुसूचित कल्याण 1302135
अनुसूचित जनजाति 466124
देवस्थानम् अधिनियम के विरोध में देवभूमि तीर्थ पुरोहित महापंचायत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर करने का फैसला किया है। इसके अलावा 18 दिसंबर को उत्तरकाशी और 20 दिसंबर को श्रीनगर में महारैली आयोजित की जाएगी। श्राइन बोर्ड से संबंधित विधेयक के विधानसभा में पारित होने की आशंका तीर्थ पुरोहितों को पहले से ही थी।
कांग्रेस की ओर से विरोध को देखते हुए पुरोहितों को यह भी लग रहा था कि सरकार विधेयक को प्रवर समिति को सौंप सकती है। दोपहर में अग्रवाल धर्मशाला में पुरोहितों की बैठक में तय किया कि विधेयक पारित हुआ तो हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा।
देर शाम महापंचायत के महामंत्री हरीश डिमरी ने बताया कि महापंचायत ने मामले में कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का फैसला किया है। महापंचायत ने अब इस मामले में विशेषज्ञों की राय लेनी भी शुरू कर दी है। इसके अलावा शीतकालीन पूजा स्थलों में धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम भी जारी रहेगा और दो स्थानों पर महारैली होगी।
कांग्रेस सड़क पर उतरकर करेगी देवस्थानम अधिनियम का विरोध
देवस्थानम् अधिनियम के विरोध में कांग्रेस ने सड़क पर उतरकर आंदोलन करने का फैसला किया है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने कहा कि इस अधिनियम के विरोध में जल्द कार्यक्रम जारी किया जाएगा। कांग्रेस सत्ता में आने पर सबसे पहला काम इस अधिनियम को समाप्त करने का करेगी।
विधानसभा सत्र के दौरान श्राइन बोर्ड विधेयक को प्रवर समिति के हवाले करवाने में असफल रही कांग्रेस ने अब सड़क पर उतरकर आंदोलन का एलान भी किया है। कांग्रेस विधायक दल के उपनेता करन महरा ने कहा कि अधिनियम का विरोध सड़क पर उतर कर किया जाएगा। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने कहा कि कांग्रेस सड़क पर उतरकर आंदोलन करेगी।
टीएचडीसी इंडिया को एनटीपीसी को बेचे जाने के बारे में प्रदेश सरकार को कोई लिखित जानकारी प्राप्त नहीं हुई है। नियम 310 से नियम 58 परिवर्तित हुई विपक्ष की सूचना पर संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने यह जवाब दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के सामने अभी तक ऐसा कोई विषय नहीं आया है। यदि ऐसा कोई विषय आएगा तो सरकार राज्य का नुकसान नहीं होने देगी और राज्य हित में पुनर्वास, कर्मचारी, हिस्सेदारी से जुड़े मसलों पर प्रदेश का पक्ष पुरजोर तरीके से रखेगी।
इससे पूर्व नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने चिंता जाहिर की कि केंद्र सरकार टीएचडीसी इंडिया को एनटीपीसी को सौंपना चाहती है। इससे वहां कार्यरत कर्मचारियों में छंटनी का भय व्याप्त है। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर विस्थापन की समस्या पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि लाभकारी परियोजना का अधिग्रहण गलत है। कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने कहा कि टीएचडीसी उत्तराखंड की मिनी रतन कंपनी है। इसका 12 जुलाई 1988 को गठन हुआ।
परियोजना के लिए 125 गांव विस्थापित हुए। कंपनी के 13 प्रोजेक्ट हैं और उसकी 55,39 मेगावाट बिजली की उत्पादन क्षमता है। उन्होंने कहा कि परियोजना उस एनटीपीसी को दी जा रही है, जिसमें केंद्र सरकार के 54.5 प्रतिशत की हिस्सेदारी और बाकी गैर सरकारी शेयर हैं। उन्होंने हिमाचल सरकार को बधाई दी कि वहां भी एसजेवीएनएल को बेचे जाने की कोशिश हो रही थी, लेकिन वहां की सरकार के विरोध के कारण नहीं बेचा जा सका। चर्चा में गोविंद कुंजवाल, हरीश धामी, ममता राकेश और राजकुमार ने भी टीएचडीसी इंडिया को बेचे जाने का विरोध किया।
सुबोध ने टोका, इंदिरा ने सुधारी गलती
नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हृदयेश ने जब यह कहा कि टीएचडीसी का शिलान्यास जवाहर लाल नेहरू ने किया था तो कृषि मंत्री सुबोध उनियाल जो टिहरी जनपद से हैं, ने टोक दिया। उन्होंने इंदिरा को गलती सुधारने की सलाह दी कि नेहरू ने टीएचडीसी का शिलान्यास नहीं किया था। बाद में कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने भी सुबोध की बात को सही कहा।
हरि प्रसाद टम्टा शिल्प कला केंद्र को लेकर कांग्रेसी विधायकों का धरना
मंगलवार को विधानसभा सत्र के पांचवे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायक गोविंद सिंह कुंजवाल के नेतृत्व में विपक्षी विधायकों ने अल्मोड़ा के हरि प्रसाद टम्टा शिल्प कला केंद्र के निर्माण की मांग को लेकर विधानसभा की गैलरी की सीढ़ियों पर धरना दिया। कुंजवाल ने सोमवार को व्यवस्था के प्रश्न के दौरान नेता सदन त्रिवेंद्र सिंह रावत के समक्ष भी ये मामला उठाया था।
सरकार की ओर से कोई संतोषजनक आश्वासन न मिलने पर मंगलवार को विपक्षी सदस्य धरने पर बैठ गए। उधर, संसदीय कार्यमंत्री मदन कौशिक ने कहा कि शिल्प कला केंद्र के लिए केंद्र से धन प्राप्त करने के प्रयास किए जा रहे हैं। स्वीकृति मिलते ही धनराशि उपलब्ध कराई जाएगी। मंगलवार सुबह कांग्रेस विधायक कुंजवाल, करन माहरा, हरीश धामी, मनोज रावत, आदेश चौहान, फुरकान अहमद विधानसभा की गैलरी की सीढ़ियों पर धरने पर बैठ गए।
कुंजवाल ने कहा कि तीन साल पूर्व हरि प्रसाद टम्टा के नाम पर शिल्प कला केंद्र खोलने की घोषणा की गई थी। इसके लिए गरुड़ाबांजा में भूमि चयनित की गई। जिसका समतलीकरण, मुख्य सड़क से संस्थान तक सड़क, चार दीवार, बिजली व पानी की लाइन, भवन की बुनियाद डालने के काम हो गए। इसके बाद प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद से संस्थान का काम ठप है। तीन साल में सरकार ने संस्थान के निर्माण के लिए कुछ नहीं किया। सरकार 36 करोड़ 60 लाख का बजट भी नहीं दे पाई।
539 वरिष्ठ नागरिकों को कराई गई चारधाम यात्रा
प्रदेश सरकार ने ‘मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ’ योजना के तहत प्रदेश के 539 वरिष्ठ नागरिकों को चारधाम यात्रा कराई। सरकार ने इस वर्ष 12500 वरिष्ठ नागरिकों को चारधाम यात्रा कराने का लक्ष्य निर्धारित किया था। विधानसभा सत्र के पांचवें दिन मंगलवार को विधायक प्रीतम सिंह पंवार के प्रश्न के जवाब में सरकार ने बताया कि सरकार ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए चारधाम यात्रा योजना शुरू की थी। इस वर्ष 12500 बुजुर्गों को चारधार यात्रा कराने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष मई से अक्तूबर 2019 तक 539 बुजुर्गों को चारधाम की यात्रा कराई है।