11 अगस्त 2004 से लागू माना जाएगा
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों का आरक्षण विधेयक 11 अगस्त 2004 से लागू समझा जाएगा। यह अधिनियम राजकीय सेवाओं में सीधी भर्ती के पदों के संबंध में लागू होगा। इससे उन राज्य आंदोलनकारियों को लाभ होगा, जो आंदोलनकारी कोटे से सरकारी विभागों में नौकरी कर रहे हैं। साथ ही उन आंदोलनकारियों को भी राहत मिलेगी, जिनका आयोगों के माध्यम से चयन हो गया था, लेकिन आरक्षण संबंधी शासनादेश के निरस्त होने के बाद उन्हें नियुक्ति नहीं मिल पाई थी।
चिन्हित आंदोलनकारी मतलबः उत्तराखंड राज्य गठन के लिए आंदोलन के दौरान शहीद हुए, जेल गए, अथवा घायल हुए आंदोलनकारी या ऐसे आंदोलनकारी जिनका चिन्हीकरण जिलाधिकारी ने दस्तावेजों के सत्यापन के बाद किया है।
आश्रित सदस्यः चिन्हित आंदोलनकारी की पत्नी या पति, आश्रित पुत्र व अविवाहित अथवा विधवा पुत्री।