इधर, सचिवालय में कोरोना के बढ़ते मामलों से सत्र की तैयारियों पर भी प्रतिकूल असर पड़ा है। कुछ सचिव स्तर के अधिकारी तक कोरोना संक्रमित हो गए। इससे उनके विभागों से जुड़े सवालों का समय पर जवाब तैयार करने में दिक्कतें पैदा हुईं।
सचिवालय के कई अनुभागों में संक्रमितों के मामले मिलने से सत्र के दौरान आए प्रश्नों के जवाब तैयार करने में विलंब हो रहा है। कमजोर तैयारी के कारण सत्र में ट्रेजरी बैंच को असहज होना पड़ सकता था।
लेकिन प्रश्नकाल टल जाने के कारण सरकार को कुछ राहत मिली है। अब केवल नियम-58 की सूचना पर उसे विपक्षी विधायकों के सवालों का सामना करना पड़ेगा।