कैंट विधानसभा सीट से जीत हासिल कर भाजपा के हरबंस कपूर ने सबसे ज्यादा बार विधानसभा पहुंचने के एनडी तिवारी और गुलाब सिंह के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। 1989 में पहली बार विधायक बने हरबंस आठवीं बार जीतने में कामयाब रहे हैं। वहीं, यशपाल आर्य, हरक सिंह रावत और बंशीधर भगत ने जीत की डबल हैट्रिक लगाई। प्रीतम सिंह, गोविंद सिंह कुंजवाल और बिशन सिंह चुफाल ने पांचवीं बार जीत हासिल की।
प्रदेश में सबसे ज्यादा आठ बार विधायक रहने का रिकॉर्ड पूर्व मुख्यमंत्री एनडी तिवारी और गुलाब सिंह के साथ अब हरबंस कपूर के नाम भी दर्ज हो गया है। एनडी तिवारी 1951 में नैनीताल साउथ, 1969, 74, 77, 85, 89 में काशीपुर, 1991 में हल्द्वानी और 2002 में रामनगर सीट से जीत हासिल कर चुके हैं।
जबकि, गुलाब सिंह ने 1957, 62, 67 व 69 में मसूरी और 1974, 80, 85 व 89 में चकराता से जीत हासिल की। वहीं, 1989 में पहली बार विधायक चुने गए हरबंस कपूर तब से हर विधानसभा का हिस्सा रहे हैं। बाजपुर सीट से चुनाव जीते यशपाल आर्य इससे पहले 1989, 93, 2002, 2007 व 2012 में विधानसभा पहुंच चुके हैं।
कोटद्वार से जीते डॉ. हरक सिंह रावत ने 1991 के बाद (1996 को छोड़कर) हर विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की है। कालाढूंगी सीट से जीते बंशीधर भगत ने 2002 को छोड़कर 1991 से 2012 तक सभी चुनाव जीतने में सफलता हासिल की है। इसके अलावा गोविंद सिंह कुंजवाल, प्रीतम सिंह और बिशन सिंह चुफाल भी पांचवीं बार विधानसभा पहुंचने में कामयाब हुए। वहीं, कोटद्वार से सुरेंद्र सिंह नेगी, रुद्रपुर से तिलक राज बेहड़ और डीडीहाट से काशी सिंह ऐरी की पांचवीं बार विधानसभा पहुंचने की कोशिश सफल नहीं हो सकी।
इन्होंने लगाया जीत का चौका
विकासनगर से मुन्ना सिंह चौहान, हरिद्वार से मदन कौशिक, गदरपुर से अरविंद पांडे, काशीपुर से हरभजन सिंह चीमा और खानपुर से कुंवर प्रणव चैंपियन चौथी बार विधायक बने। डोईवाला से त्रिवेंद्र रावत, पिथौरागढ़ से प्रकाश पंत, रामनगर से दीवान बिष्ट, प्रतापनगर से विजय सिंह पंवार और मंगलौर से काजी निजामुद्दीन ने भी जीत की हैट्रिक लगाई है।