उत्तराखंड में चुनाव विधानसभा का था, लेकिन भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से वोट बटोरे। चुनाव के दौरान कहा जा रहा था कि मोदी मैजिक नहीं चलेगा, लेकिन जिस तरह विशेषकर महिलाओं और बुजुर्गों की प्रतिक्रियाएं सामने आईं, उससे जाहिर है कि इस वर्ग में मोदी का असर बरकरार है। कुछ ऐसे भी थे, जिन्हें कोई फर्क नहीं पड़ता कि चुनाव कौन लड़ रहा है, वोट मोदी को जाएगा।
सोमवार को मतदान के दिन अमर उजाला की टीम ने भ्रमण के दौरान तमाम लोगों से बातचीत की। इसमें विशेषकर बुजुर्ग और महिलाओं का रुझान पीएम नरेंद्र मोदी की तरफ दिखाई दिया। मोदी मैजिक को भुनाने के लिए भाजपा ने भी इस बार उत्तराखंड में धामी-मोदी सरकार का नारा दिया था।
कई मुद्दों के समाधान के लिए लोग पीएम मोदी को देते हैं समर्थन
घर-घर गैस सिलिंडर पहुंचाने, देश के साथ उत्तराखंड में सड़कों का जाल, चारधाम सड़क और रेल परियोजना, हर घर नल, हर घर जल, पर्यटन, सुगम यातायात जैसे मुद्दों के समाधान के लिए लोग मोदी को समर्थन देते हैं। हिंदू बहुल राज्य उत्तराखंड के लिए राम मंदिर, जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने जैसे मुद्दे भी अहम हैं।
बुजुर्ग महिलाओं के लिए गैस, पेंशन, राम नाम जैसे मुद्दे भी अहम हैं। देश में महंगाई बढ़ी है, पेट्रोल-डीजल के दाम आसमान छू रहे हैं, जैसे सवालों के जवाब में मतदाता कहते हैं कि अगर महंगाई बढ़ी है तो आम आदमी की आमदनी भी तो बढ़ी है। पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े हैं तो क्या सड़कों पर गाड़ियों की भीड़ कम हो गई।
बुजुर्गों ने कही सौ बात की एक बात
मोदी के समर्थकों के लिए यह सवाल कोई मायने नहीं रखते। बहुत सी बुजुर्ग महिलाएं ठीक-ठीक नहीं बता पाईं कि मोदी ने क्या किया है, लेकिन मोदी जो भी कर रहा है, देश के लिए कर रहा है, कुछ ऐसे जवाब देकर वह सौ बात की एक बात कहती नजर आईं।
मोदी के इस मैजिक से प्रदेश भाजपा भी खूब परिचित है। इसलिए इस बार उसने धामी के साथ मोदी के नाम को जोड़कर नारा दिया, ‘इस बार धामी-मोदी की सरकार।’ चुनाव से पूर्व पीएम मोदी ने जहां श्रीनगर, रुद्रपुर और अल्मोड़ा में खुली चुनावी सभाएं कीं तो वहीं 148 वर्चुअल सभाओं को भी संबोधित किया।