गढ़वाल के प्रवेश द्वार स्थित कोटद्वार विधानसभा राज्य बनने के बाद 2002 में पहली बार अस्तित्व में आई। यूपी के जमाने में यह सीट लैंसडौन में समाहित थी। राज्य बना तो इसे अलग पहचान मिली। वर्ष 2007 के चुनाव तक इस सीट में दुगड्डा ब्लाक के आमसौड़ समेत कई गांव भी आते थे, जो नए परिसीमन के बाद सनेह से लेकर चिलरखाल तक नगर निगम के वर्तमान 40 वार्ड और गढ़वाल जिले में पड़ने वाले कार्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ कालोनी क्षेत्र तक सिमट गया है। इस सीट पर हर बार ही बदलाव देखने को मिलता है। वर्ष 2005 के उपचुनाव समेत उत्तराखंड राज्य गठन के बाद से अब तक हुए चुनावों में यह सीट तीन बार कांग्रेस और दो बार भाजपा के खाते में गई।
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Harak Singh Rawat: जीत की उम्मीद में कांग्रेस पी गई अपमान का घूंट, पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत का भी समर्पण
विस क्षेत्र के प्रमुख मुद्दे
वर्षों पुराने कोटद्वार जिले का निर्माण, केंद्रीय विद्यालय की स्थापना, मेडिकल कालेज, कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर कंडी मार्ग का निर्माण, महर्षि कण्व की तपोस्थली व राजा भरत की जन्मस्थली कण्वाश्रम को पर्यटन विकास योजना के धरातल पर उतारने का इंतजार। नगर निगम क्षेत्र में सीवरेज सिस्टम का निर्माण। खोह नदी में झील निर्माण। चारों ओर से वनों से घिरे होने के कारण वन्यजीव संघर्ष से मुक्ति दिलाना। वन्यजीवों से खेती किसानी की सुरक्षा।
अब तक के विधायक
सुरेंद्र सिंह नेगी- 2002 कांग्रेस
शैलेंद्र सिंह रावत- 2007 भाजपा
सुरेंद्र सिंह नेगी- 2012 कांग्रेस
डा. हरक सिंह रावत-2017 भाजपा
मतदाता
कुल मतदाता-1,14842
पुरुष- 57,401
महिला-57,340
कोटद्वार विधानसभा के विकास के लिए हर संभव प्रयास किए गए हैं। कई योजनाओं की स्वीकृति मिली है, जिन्हें धरातल पर उतरने में समय लग रहा है। ग्वालगढ़ और सुखरो पुलों का निर्माण, कार्बेट का पाखरो गेट, लालढांग मार्ग निर्माण और पाखरो में टाइगर सफारी क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धियां हैं। मेडिकल कालेज की स्वीकृति प्रदान करते हुए 25 करोड़ मंजूर करा लिए गए हैं।
-डा. हरक सिंह रावत, क्षेत्रीय विधायक व पूर्व मंत्री
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भाजपा के विधायक व मंत्री डा. हरक सिंह रावत का कार्यकाल कोटद्वार क्षेत्र के लिए निराशापूर्ण रहा है। मेडिकल कालेज, जिला निर्माण, केंद्रीय विद्यालय जैसी घोषणाएं कोरी साबित हुई हैं। कण्वाश्रम पर्यटन विकास योजना और खोह नदी में झील निर्माण जैसे कई मुद्दे जस के तस हैं। भाजपा सरकार ने पिछले चुनाव में कोरी घोषणाएं कर जनता को गुमराह किया। जनता इनकी असलियत पहचान चुकी है।
-सुरेंद्र सिंह नेगी, पूर्व मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता
भाजपा सरकार ने इन पांच सालों में अपेक्षित विकास कार्य नहीं किए हैं। प्रदेश और केंद्र में एक ही पार्टी की सरकार होने का लाभ नहीं मिल सका है। खासकर केंद्रीय विद्यालय की स्थापना न होना और कोटद्वार-पाखरो-रामनगर मार्ग को खोलने के लिए सही ढंग से पैरवी न होना दुर्भाग्यपूर्ण हैं।
-भारत सती
डबल इंजन सरकार ने कोटद्वार के लोगों को बहुत आशाएं थी, लेकिन वह जन अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी। कोटद्वार जिला का निर्माण, लालढांग मार्ग पर पुलों का निर्माण समेत कई मांग और चुनावी वायदे तक पूरे नहीं हो सके हैं। इसका खामियाजा भाजपा को भुगतना पड़ेगा।
-वीरेंद्र पाल