फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Uttarakhand Election 2022: हरिद्वार, दून और यूएसनगर बने हॉट स्पाॅट, सियासी दलों ने क्षत्रपों को झोंका

Mon, 07 Feb 2022 01:37 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

प्रदेश की 70 में से 30 सीटें तीन मैदानी जिले देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में हैं। 2017 के विस में चुनाव में भाजपा ने मोदी लहर में इन तीन जिलों में 30 में से 25 सीटें जीती थी।
विज्ञापन
- फोटो : फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उत्तराखंड के चुनावी समर में हरिद्वार, देहरादून और ऊधमसिंह नगर जिले चुनाव प्रचार के हॉट स्पाॅट बने हैं। शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कुंभ नगरी में कांग्रेस का प्रचार गरमाया। रविवार को आप का प्रचार गरमाने वहां दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहुंचे। देहरादून में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी जनसभाएं और डोर टू डोर प्रचार किया।

विज्ञापन


सियासी जानकारों के मुताबिक, प्रदेश की 70 में से 30 सीटें तीन मैदानी जिले देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में हैं। 2017 के विस में चुनाव में भाजपा ने मोदी लहर में इन तीन जिलों में 30 में से 25 सीटें जीती थी। सियासी हलकों में यह सवाल है कि क्या इस बार भी भाजपा इन तीन जिलों में अपना पिछला प्रदर्शन दोहरा पाएगी? पार्टी की प्रचंड  जीत में इन तीन जिलों की 30 सीटों अहम योगदान रहा है। इन तीन जिलों में कांग्रेस के हिस्से सिर्फ पांच सीटें आ पाईं। 

Uttarakhand Election 2022: पिता-पुत्र व पिता-पुत्री के चुनाव पर सबकी निगाहें, उतरी हैं तीन जोड़ियां
विज्ञापन


वर्चस्व बचाने और मिटाने के बीच चुनावी जंग
तीनों जिलों 30 विधानसभा सीटों के लिए तीन प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच जबर्दस्त चुनावी जंग छिड़ी है। भाजपा के सामने अपना दबदबा बनाए रखने के लिए पिछला प्रदर्शन दोहराने की चुनौती है। कांग्रेस बदली हुई परिस्थितियों में हवा बदलने की जी तोड़ कोशिश कर रही है तो आप दोनों राष्ट्रीय दलों से इतर नया राजनीतिक विकल्प देने के लिए मतदाताओं के बीच जा रही है। इन तीनों दलों के साथ बसपा अपने वजूद को टटोलने की कोशिश जुटी है।

प्रचंड लहर नहीं पर मोदी का जादू बरकरार
सियासी जानकारों का मानना है कि 2017 के विधानसभा चुनाव के समय जैसी वर्तमान में पीएम मोदी की प्रचंड लहर नहीं है। लेकिन भाजपा के प्रत्याशियों की पीएम मोदी के चुनाव कार्यक्रमों की डिमांड बता रही है कि उनका जादू बरकरार है। अलबत्ता हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर की कुछ विस सीटों पर किसान आंदोलन और सत्तारोधी रुझान से थोड़े सियासी हालात बदले हैं। इस बदलाव की उम्मीद में कांग्रेस मैदानी जिलों में जोर लगा रही है। आप और बसपा का भी इन तीनों जिलों में ज्यादा जोर है।

विज्ञापन

भाजपा के लिए पिछला प्रदर्शन दोहराने की चुनौती

इसलिए सियासी हलकों में यह चर्चा है कि तीनों जिलों में 2022 के चुनावी समर में भाजपा के लिए 2017 जैसा प्रदर्शन दोहराना चुनौतीपूर्ण रहेगा। हालांकि हरिद्वार से सांसद डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक का दावा है कि पार्टी पिछली बार से भी शानदार प्रदर्शन करेगी। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी कहते हैं, तीनों जिलों में पार्टी पिछली बार से अधिक सीटें जीतेगी। 

तीनों जिलों में नहीं छोड़ी ढील 
सियासी जानकारों का मानना है कि वर्चस्व बनाए रखने के लिए भाजपा ने इन तीनों मैदानी जिलों में ढील नहीं छोड़ी और  उसका इनमें लगातार पूरा फोकस है। पार्टी पिछले एक साल से सांगठनिक और रणनीतिक मोर्चे पर हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून की सियासी फैसले लेती रही है। यूएस नगर से युवा पुष्कर सिंह धामी के हाथों में सत्ता की कमान सौंपने से लेकर सांसद अजय भट्ट को केंद्र में रक्षा राज्यमंत्री बनाने, हरिद्वार से मदन कौशिक को भाजपा की बागडोर सौंपने व देहरादून जिले गणेश जोशी को कैबिनेट मंत्री बनाने के फैसलों को इसी रणनीति के तौर पर देखा गया।

2017 में किस दल को कितनी मिली सीटें
जनपद  - कुल सीटें  -  भाजपा  - कांग्रेस बसपा
देहरादून -  10     -  09  -   01
हरिद्वार  - 11   -   08   -   03
यूएसनगर-  09  -   08  -     01
कुल योग -  30 -    25   -   05
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें