मेरिट में आए अभ्यर्थियों की टूटी उम्मीदें, छलके आंसू
पेपर लीक मामले की जांच में घिरी तीन भर्तियों पर अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के फैसले से मेरिट में आए अभ्यर्थियों की उम्मीदें टूट गईं हैं। आयोग कार्यालय के बाहर एकत्रित अभ्यर्थियों के आंसू छलक पड़े। गुस्साए अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन कर सिर मुंडवाया। उनका कहना था कि हमारा क्या कसूर है। रोजाना 12 घंटे पढ़ाई करने के बाद उन्हें सफलता मिली है।
शुक्रवार सुबह 11.30 बजे स्नातक स्तरीय, वन दरोगा और सचिवालय रक्षक भर्ती पर चयन आयोग के फैसले से पहले ही कई अभ्यर्थी कार्यालय के बाहर एकत्रित होने शुरू हो गए थे। जैसे ही आयोग ने तीन भर्तियों की परीक्षा दोबारा करने का फैसला लिया, बाहर मौजूद अभ्यर्थियों ने भी आयोग के खिलाफ नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। अभ्यर्थी कार्यालय के मुख्य गेट पर बैठकर नियुक्तिपत्र देने की मांग करने लगे। इस दौरान अभ्यर्थियों के आंसू भी छलक पड़े। कई महिला अभ्यर्थी रोते हुए फोन पर अपने परिजनों को भर्ती रद्द होने की जानकारी दे रहे थे।
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग की नाकामियों के चलते मेहनत करने वाले युवाओं के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। वन दरोगा भर्ती की परीक्षा ऑनलाइन हुई है, जिसमें गड़बड़ी होने की कोई संभावना नहीं रहती है। आयोग ने किस आधार पर भर्ती को रद्द किया है। सरकार ने भी इस बात को कहा था कि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ अन्याय नहीं किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने सिर मुंडवा कर सरकार और आयोग के प्रति रोष जताया।
दो भर्ती परीक्षाओं में आई मेरिट, अब कहां जाएं
प्रवीण असवाल ने बताया कि स्नातक स्तरीय ग्राम पंचायत विकास अधिकारी के पद के लिए 300 रैंकिंग और वन दरोगा भर्ती में मेरिट में स्थान मिला था। दोनों भर्ती परीक्षा रद्द होने से अब कहां जाएं। मेहनत कर जो अभ्यर्थी परीक्षा में सफल रहे, उन्हें सरकार ने नए साल का तोहफा दिया है। जो लोग भर्तियों में गड़बड़ी करवाने में संलिप्त हैं, सरकार उनका नाम सार्वजनिक करे।
2015 से कर रहा था तैयारी
अगस्त्यमुनि के गौरव का कहना है कि 2015 से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा हूं। मेडिकल में चयन नहीं हुआ था। उसके बाद समूह ग पदों की भर्ती के लिए तैयारी की। वन दरोगा भर्ती में टॉप-10 मेरिट में आया था।