कैमरे लगाने से लेकर फीडबैक में सेना की मदद ली जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक सेना की मौजूदगी इस क्षेत्र में लगातार बनी रहती है। इस वजह से सेना के अधिकारियों से लेकर जवानों तक का कई बार हिम तेंदुओं से सामना होता रहता है।
ऐसें में सेना को हिम तेंदुओं दिखाई देने वाले क्षेत्रों की भी जानकारी है। बताया गया कि उच्च क्षेत्र की चौकियों पर हिम तेंदुए कई बार खाने की तलाश में भी पहुंच जाते है। अधिकारियों के मुताबिक कई जवानों ने हिम तेंदुओं को देखने की पुष्टि भी की है।
इस मामले में सेना के अधिकारियों से सात-आठ दिन के अंदर बात की जाएगी। सेना से मिले फीडबैक के आधार पर ही कैमरा ट्रेप लगाए जाएंगे। हिम तेंदुओं के संरक्षण में यह महत्वपूर्ण कदम होगा। सेना के अधिकारियों से जल्द ही बात की जाएगी। 40 कैमरा लगने से हिमा तेंदुओं के बारे में खासी जानकारी मिलने की उम्मीद है।
- जेएस सुहाग, मुख्य वन्य जीव प्रतिपालक