प्रदेश के 5115 मिनी आंगनबाड़ी केंद्र उच्चीकृत होंगे। केंद्र सरकार की ओर से इसकी मंजूरी मिलने के बाद सोमवार को शासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया। सचिव हरिचंद्र सेमवाल की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि हर केंद्र में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की तैनाती होगी।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के सचिव की ओर से जारी आदेश के मुताबिक आंगनबाड़ी केंद्रों में स्थानीय समुदाय से आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका की तैनाती होगी। जिन्हें केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर तय किए गए निर्देशों के अनुसार मानदेय दिया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों के अनुसार आंगनबाड़ी केंद्रों पर लाभार्थियों को तीन सौ दिन के लिए पूरक पोषाहार मिलेगा।
प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा
इन केंद्रों पर होने वाला व्यय केंद्र सरकार की ओर से आंगनबाड़ी सेवा सामान्य घटक और पूरक पोषण घटक में जारी सहायता अनुदान से किया जाएगा। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा, इन केंद्रों के उच्चीकरण के बाद राज्य के शत प्रतिशत मिनी आंगनबाड़ी केंद्र उच्चीकृत होंगे। राज्य सरकार ने वर्ष 2023 में मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों के उच्चीकरण का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा था।
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सरकार ने आंगनबाड़ी बहनों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह फैसला लिया है। जो राज्य हित में लिया गया अहम निर्णय है। इससे पांच हजार से अधिक मिनी आंगनबाड़ी केंद्र पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्र बनेंगे। -रेखा आर्या, मंत्री महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग