एनजीओ की पहल पर सुप्रीम कोर्ट की अधिवक्ता फौजिया रहमान से कानूनी मदद ली जा रही है। एडवोकेट फौजिया के अनुसार फरीदा ने बताया कि काशीपुर के एक मौलाना ने उसका निकाह कराया लेकिन उक्त मौलाना के बारे में भी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। मामले में कार्रवाई के लिए संबंधित थाने के अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है।
कथित रूप से निकाह रचाने के आरोपी युवक के अधिवक्ता अर्पित गरोडिया ने बताया कि फरीदा बायपोलर डिस्ऑर्डर के साथ ही शुगर रोग से भी पीड़ित है। इस मामले में अमेरिका के तत्कालीन राजदूत केनेथ आई जस्टर ने 16 अप्रैल 2020 को उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र रावत को पत्र भेजा।
उन्होंने कहा कि यह फरीदा का पहला अपराध है ऐसे में उसे माफ कर अमेरिका वापस भेजा जाए। पत्र में फरीदा का पासपोर्ट नेपाल के एक होटल में छूट जाने की बात भी कही गई है। राजदूत ने दोनों देशों के बेहतर रिश्तों का हवाला देते हुए मानवीय और चिकित्सीय आधार पर फरीदा को माफ करने की अपील की है।