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Almora News: माइनस दो डिग्री तापमान में पहली बार छह हजार फीट की ऊंचाई पर दिखा बाघ, चहलकदमी से सभी हैरान

Mon, 11 Dec 2023 10:19 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, अल्मोड़ा

सार

पनुवानौला के कुछ युवक कार से जगरिये को बुलाने जागेश्वर क्षेत्र के ठिकलना गांव जा रहे थे। इस बीच, शौकियाथल के पास निर्माणाधीन सड़क किनारे बाघ नजर आया।
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छह हजार फीट की ऊंचाई पर दिखा बाघ - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड के तराई क्षेत्र में आमतौर पर दिखने वाला बाघ पहली बार अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम के पास शौकियाथल के जंगल में दिखा है। कॉर्बेट पार्क से सटे अल्मोड़ा जिले के मोहान क्षेत्र में कभी-कभार बाघ नजर आ जाते हैं लेकिन इनका अब तक इससे ऊपर चढ़ना नहीं हुआ। छह हजार फुट की ऊंचाई पर जागेश्वर धाम के पास बांज-बुरांश के जंगलों से घिरे शौकियाथल क्षेत्र में पहली बार बाघ दिखने से स्थानीय लोगों के साथ वन्यजीव विशेषज्ञ भी हैरत में हैं।

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जानकारी के मुताबिक रविवार शाम पनुवानौला के कुछ युवक कार से जगरिये को बुलाने जागेश्वर क्षेत्र के ठिकलना गांव जा रहे थे। इस बीच, शौकियाथल के पास निर्माणाधीन सड़क किनारे बाघ नजर आया। कार में सवार गौरव सहित अन्य युवकों ने चहलकदमी करते बाघ का वीडियो शूट कर लिया। वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक क्षेत्र में अब तक कभी भी बाघ नजर नहीं आया है। यहां पहली बार बाघ नजर आया है।

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पूरे इलाके में दहशत
शौकियाथल के पास बाघ की सक्रियता से पूरे क्षेत्र में दहशत है। स्थानीय लोगों और वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक इन जंगलों में आमतौर पर केवल तेंदुए नजर आते हैं। मैदानी क्षेत्रों के जंगल में मिलने वाला बाघ यहां अब तक कभी भी नहीं देखा गया है।

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मैदान में बढ़ रही है बाघों की संख्या
प्रदेश में वर्तमान में बाघों की संख्या 570 से अधिक है। अकेले कार्बेट पार्क में ही करीब 270 बाघों की गिनती की जा चुकी है। पिछले कुछ वर्षों में राज्य में बाघों की संख्या में काफी बढ़ोतरी हुई है। अंदाजा लगाया जा रहा है कि संख्या अधिक होने से बाघ अब पहाड़ों की तरफ रुख करने लगे हैं। संभावना जताई जा रही है कि बाघ कार्बेट से यहां पहुंचा होगा। कयास लगाए जा रहे हैं कि वह कार्बेट पार्क से बिनसर अभयारण्य होते हुए शौकियाथल पहुंचा होगा।

पिछले कुछ समय से पहाड़ में बाघों की उपस्थिति के मामले सामने आ रहे हैं। जलवायु परिवर्तन, आसान भोजन और तराई के जंगलों में इनकी बढ़ती संख्या के चलते बाघ पहाड़ों की ओर रुख करने लगे हैं। जागेश्वर क्षेत्र में बाघ की सक्रियता का पता लगाने के लिए ट्रैप कैमरे लगाने चाहिए। 
- डॉ. धीरज पांडे, निदेशक, कॉर्बेट पार्क, रामनगर, नैनीताल।

जागेश्वर क्षेत्र में बाघ दिखने की फिलहाल जानकारी नहीं है। ऐसा संभव भी नहीं लगता। इससे पूर्व कभी भी क्षेत्र में बाघ नहीं दिखाई दिया। फिर भी बाघ की सक्रियता का पता लगाने की कोशिश की जाएगी।
-ध्रुव मर्तोलिया, डीएफओ, सिविल सोयम, अल्मोड़ा।
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