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उत्तराखंड में हाई अलर्ट, धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ाई

Thu, 18 Dec 2014 12:31 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
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पाकिस्तान की घटना के बाद पूरे देश में किए गए हाई अलर्ट के मद्देनजर उत्तराखंड भी सतर्क हो गया है। आईबी की रिपोर्ट के बाद उत्तराखंड पुलिस महानिदेशक बीएस. सिद्धू ने बुधवार को विशेष बैठक कर खुफिया तंत्र को अधिक चौकस रहने के निर्देश दिए हैं। हरिद्वार पुलिस को धार्मिक स्थलों खासकर गंगा घाटों पर संदिग्ध लोगों पर नजर रखने को कहा गया है।
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पुलिस ने प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों टनकपुर, धारचूला, चमोली समेत अन्य सीमावर्ती इलाकों पर विशेष निगरानी बढ़ाने को कहा है। वहीं पर्यटक स्थलों, भीड़ वाले स्थानों, रेलवे स्टेशन और बस अड्डा पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी बढ़ाने को कहा गया है। प्रदेश के प्रवेश द्वारों पर सघन जांच और वाहनों पर विशेष निगाह रखी जाएगी।

प्रदेश के प्रमुख हाईवे और प्रमुख मार्ग जिस पर पर्यटक बड़ी संख्या में सफर करते हैं वहां जगह-जगह अवरोधक लगाने और वाहनों की जांच को भी कहा गया है। देहरादून के नामी स्कूलों को खुद से निगरानी बढ़ाने और सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने को कहा गया है। स्कूलों को सीसीटीवी कैमरे के माध्यम से निरंतर निगरानी को कहा गया है।
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आतंकवाद पूरे विश्व की समस्या: सीएम

विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस की पूर्व संध्या पर मुख्यमंत्री आवास में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि अमन ही देश के विकास का मंत्र है। अल्पसंख्यक समुदाय की तरक्की की जिम्मेदारी सरकार के साथ-साथ समाज पर भी है। वर्तमान समय में जिस भी देश ने बदलाव को अपनाया है, उसने तरक्की की है।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जो कुछ हुआ है, उसने इंसानियत को हिला कर रख दिया है। ऐसी घटनाओं की जितनी भी भर्त्सना की जाए कम है। आज आतंकवाद विश्व की समस्या है, जिसका सामना हम सभी को मिलकर करना होगा। अल्पसंख्यकों के हितों के लिए हमारे संविधान में पूरी व्यवस्था रखी गई है। उत्तराखण्ड सरकार अल्पसंख्यक कल्याण के लिए वचनबद्ध है।

कार्यक्रम का संचालन सीएम के विशेष कार्याधिकारी सैय्यद मोहम्मद कासिम ने किया। इस अवसर पर आरए. खान, राजीव जैन, डीएस. मान, संजय जैन, गुरजीत सिंह, डॉ. इस्लाम कासमी, सिब्ते नवी, नेमचंद, सहित बड़ी संख्या में अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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