उन्होंने कहा कि बोर्ड के माध्यम से किसानों के मेधावी बच्चों के लिए छात्रवृत्ति योजना शुरू की गई है। इस योजना में पात्रता के लिए आय सीमा दो लाख रुपये रखी गई थी। इसे बढ़ा कर तीन लाख रुपये प्रति वर्ष किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की मंडी समितियां लाभ में हैं।
मंडी समितियों के माध्यम से किसानों की कल्याणकारी योजनाओं के लिए बजट की कमी नहीं है। बैठक में रामनगर में सेल्फ फाइनेंस पर 25 दुकानों का निर्माण करने को सहमति दी गई। बैठक में बोर्ड की प्रबंध निदेशक निधि यादव, निदेशक कृषि केसी पाठक, संयुक्त आयुक्त खाद्य डॉ. महेंद्र सिंह बिसेन, बोर्ड के विजय थपलियाल समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
मंडुवे की खरीद को बढ़ाएं
मंत्री ने बोर्ड के अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों से सीधे मुंडवे की खरीद करने के लिए सहकारी समितियों व बोर्ड के माध्यम से कलेक्शन सेंटर बढ़ाए जाएं। वर्तमान में सहकारी समितियों के माध्यम से 27 रुपये प्रति किलो. और मंडी बोर्ड की ओर से 25 रुपये प्रति किलो किसानों से मुंडवा खरीदा जा रहा है।