मातम में बदली शादी की खुशियां
बीते बुधवार तक हादसे का शिकार हुए इरशाद के पहाड़ी गली निवासी बड़े भाई नियाज के यहां शादी की खुशियां थी। शादी की व्यस्तता के चलते इरशाद एक और दिन भाई के यहां रुक गया था, लेकिन इरशाद को क्या मालूम था कि एक दिन बाद उसकी दुनिया लुटने वाली है। काल बनकर आया ट्रक इरशाद को जीवन भर का जख्म दे गया। इरशाद करीब तीन बजे हंसी खुशी बड़े भाई नियाज से विदा लेकर छुटमलपुर के लिए निकाला था। हादसे की खबर लगते ही परिजन बिलख-बिलख कर रोने लगे। सभी आनन-फानन में अस्पताल पहुंचे। जहां गुलिस्ता प्रवीन और अलफीसा के बेजान शरीर पड़े थे। भाई के साथ हुए हादसे से बड़ा भाई नियाज भी गहरे सदमे में है।