खाई से निकाले सभी शव, राहत और बचाव कार्य रोका
सिमड़ी बस हादसे के बाद रेस्क्यू में जुटी पुलिस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ ने राहत और बचाव कार्य बुधवार देर शाम रोक दिया। पुलिस का कहना है कि हादसे में मृत लोगों के शव खाई से निकाल लिए गए हैं। अब बृहस्पतिवार को अंतिम सर्च अभियान चलाया जाएगा।
मंगलवार शाम हुए हादसे के बाद से डीएम, एसएसपी समेत आला अधिकारियों ने बीरोंखाल में डेरा डाला हुआ है। एसओ रिखणीखाल अरविंद कुमार और धुमाकोट के थानाध्यक्ष दीपक तिवारी ने बताया कि मंगलवार रात से चल रहा राहत और बचाव कार्य बुधवार देर शाम रोक दिया गया है। धुमाकोट के थानाध्यक्ष दीपक तिवारी ने बताया कि सभी 31 शव निकल लिए गए हैं जबकि दो घायलों को अस्पताल पहुंचाते समय मौत हो गई थी। जबकि 19 लोग घायल हैं। शवों का पोस्टमार्टम रिखणीखाल अस्पताल में हुआ।
बुधवार देर शाम तक डा. हरेंद्र कुमार की अगुवाई वाली डॉक्टरों की टीम ने पोस्टमार्टम कर 29 शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए। बिजनौर जिले के मृतकों के शव परिजनों के सुपुर्द कर दिए हैं। कोटद्वार, लालढांग और ताछला के लोगों के शव देर रात तक कोटद्वार लाकर मोर्चरी में रखे जा रहे हैं। संवाद
गमजदा लोगों की आंखों में दिखा आक्रोश
बीरोंखाल के सिमड़ी में हुई बस दुर्घटना से दूल्हे के गांव लालढांग और यमकेश्वर के ताछला गांव में कोहराम मचा है। हादसे की सूचना मिलते ही लालढांग और यमकेश्वर के अलावा अन्य स्थानों पर रह रहे बरातियों के परिजन कोटद्वार बेस अस्पताल में उमड़ पड़े। यहां घायलों और मृतकों की सही जानकारी नहीं मिलने से गमजदा लोग आक्रोशित नजर आए। परिजनों ने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि घायलों को तो कोटद्वार अस्पताल भेज दिया गया लेकिन मृतकों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई।