अमान्य और फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर शिक्षा विभाग में नौकरी से जुड़े मामले में शिक्षकों से शैक्षिक प्रमाण पत्र जमा करवाए जाने के बाद अब उनकी जांच शुरू हो गई है। अपर शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा वीएस रावत के मुताबिक सभी जिलों को शिक्षकों के प्रमाणपत्रों की जांच के निर्देश दिए गए। अब तक 90 फीसदी शिक्षक अपने शैक्षिक प्रमाणपत्रों को जमा करा चुके हैं।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शिक्षा विभाग की ओर से प्रदेश के बेसिक, जूनियर हाईस्कूलों के समस्त शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को दो सप्ताह के भीतर अपने शैक्षिक एवं ट्रेनिंग के स्वसत्यापित प्रमाण पत्रों को डीईओ कार्यालय में जमा कराने का निर्देश दिए गए थे। इसके बाद अधिकतर शिक्षक और शिक्षा मित्र अपने शैक्षिक प्रमाणपत्रों को विभाग के दफ्तरों में जमा करा चुके हैं। जबकि अभी इसे जमा कराने के लिए तीन दिन का समय और बचा है।
सभी शिक्षकों और शिक्षा मित्रों को 20 अक्तूबर तक इसे जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जमा कराना है। जो शिक्षक प्रमाण पत्र की सत्यापित प्रति तय समय पर उपलब्ध नहीं कराएगा उन शिक्षकों के खिलाफ नियम अनुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षकों से पहले उनके प्रमाण पत्र जमा कराए गए हैं। उसके बाद अब इनकी जांच शुरू कर दी गई है। पहले चरण में डीएलएड और बीटीसी के प्रमाणपत्रों की जांच की जा रही है।
-वीएस रावत, अपर शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा