उत्तराखंड में 400 करोड़ का पूंजी निवेश और चार सौ लोगों को रोजगार देने वाले उद्योगों को भी अब मेगा इंडस्ट्री पॉलिसी का लाभ मिल सकेगा। सरकार ने नीति में बदलाव कर बड़ा निवेश करने वाले उद्योगों को सुपर अल्ट्रा श्रेणी में शामिल किया है। तंबाकू, पान मसाला, 20 माइक्रोन से कम प्लास्टिक व पॉलिथीन सामने बनाने, सीमेंट, स्टील रोलिंग, 10 मेगावाट से अधिक बिजली प्रोजेक्टों को नीति में लाभ व छूट नहीं मिलेगी।
शुक्रवार को मंत्रिमंडल ने मेगा इंडस्ट्री पॉलिसी में संशोधन की मंजूरी दे दी। अब पर्यावरण व स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले उद्योगों को नीति में छूट देने की व्यवस्था समाप्त कर दी है। इसकी जगह सुपर अल्ट्रा श्रेणी के उद्योग को सिडकुल से जमीन खरीदने में 30 प्रतिशत, सात प्रतिशत ऋण, बिजली बिलों में छूट दी जाएगी। वहीं, मेगा इंडस्ट्री नीति का लाभ लेने वाले उद्योगों के लिए उत्पादन शुरू करने की समय सीमा बढ़ाई है। इसे 31 मार्च, 2020 से बढ़ाकर 30 सितंबर, 2021 किया गया।