जबकि 5.37 लाख कार्ड धारक देश के किसी भी पंजीकृत निजी अस्पताल में इलाज सकते थे। प्रदेश सरकार ने सभी गोल्डन कार्ड धारकों को नेशनल पोर्टेबिलिटी से जोड़ दिया। जिसके चलते अब गोल्डन कार्ड धारक अब राज्य से बाहर से इलाज करा सकते हैं।
प्रदेश के 40 लाख गोल्डन कार्ड धारक नेशनल पोर्टेबिलिटी से जुड़ने से अब प्रदेश से बाहर के पंजीकृत अस्पतालों में इलाज करा सकते हैं। लेकिन इलाज पर खर्च की सीमा पांच लाख ही रहेगी। इस प्रयास से गोल्डन धारकों को गंभीर बीमारियों का इलाज दूसरे राज्यों के बड़े निजी अस्पताल में की सुविधा मिलेगी।
-डीके कोटिया, अध्यक्ष, राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण