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उत्तराखंड: बारिश और ओलावृष्टि से बागवानी और कृषि फसलों को हुआ 28 करोड़ का नुकसान

Tue, 05 May 2020 02:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट सरकार को सौंपी
  • कृषि में देहरादून और बागवानी में टिहरी जनपद में सबसे ज्यादा नुकसान
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- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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बारिश और ओलावृष्टि से अप्रैल में उत्तराखंड के किसानों को लगभग 28 करोड़ का नुकसान हुआ है। सोमवार को कृषि और उद्यान विभाग की ओर से सरकार को जिलावार नुकसान की रिपोर्ट सौंपी गई। कृषि से ज्यादा बागवानी फसलों पर मौसम ने कहर बरपाया है। कृषि में देहरादून और बागवानी में टिहरी जनपद में सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। सरकार को सौंपी गई रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में कृषि के तहत 13290 हेक्टेयर क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

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इसमें गेहूं, जौ व अन्य फसलों को 1.82 करोड़ का नुकसान हुआ है। सबसे ज्यादा देहरादून जनपद में 70 प्रतिशत से अधिक नुकसान है। जबकि अन्य जनपदों में सामान्य स्थिति है। जबकि बागवानी के तहत 15878 क्षेत्रफल में फल, सब्जी, मसाला, फूूलों की खेती तबाह हुई है। इसमें 26.34 करोड़ का नुकसान हुुआ है। सरकार का कहना है कि मंडी समितियों के माध्यम से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई की जाएगी। सभी जिला कृषि व उद्यान अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि एसडीएम के माध्यम से मुआवजे की डिमांड मंडी परिषद को भेजी जाए।
 

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ये है जिलावार स्थिति

जिला              कृषि         उद्यान
देहरादून           142.25     300.17
पौड़ी                00           58.80
उत्तरकाशी         19.83      277.28
रुद्रप्रयाग           00        30.08
हरिद्वार             00        122.59
चमोली            00          23.17
टिहरी             00          642.20
अल्मोड़ा          00          34.10
पिथौरागढ़        00           2.92
नैनीताल         19.13       1087
बागेश्वर           00           6.10
चंपावत           00           3.62
यूएसनगर        1.22         47.02

नोट : नुकसान की राशि लाख रुपये में है।

प्रदेश भर में बारिश और ओलावृष्टि से हुए नुकसान की रिपोर्ट आपदा प्रबंधन विभाग को भेजी जाएगी। गेहूं की कटाई होने से रबी फसलों को नुकसान कम हुआ है, जबकि बागवानी को नुकसान ज्यादा है। मंडी समितियों के माध्यम से किसानों को नुकसान की भरपाई की जाएगी।
- सुबोध उनियाल, कृषि एवं उद्यान मंत्री
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