अटल ने बनाया, मोदी संवार रहे उत्तराखंड
मुख्यमंत्री धामी ने अपने संबोधन की शुरुआत राज्य स्थापना दिवस शुभकामनाएं देने के साथ ही अल्मोड़ा बस दुर्घटना में दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ की। मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को भी याद करते हुए कहा कि अटलजी के प्रधानमंत्रित्व काल में ही राज्य की स्थापना का सपना साकार हुआ। उत्तराखंड राज्य आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश का एक अग्रणी राज्य बनने की ओर अग्रसर है। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में सभी क्षेत्रों में इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत हो रहा है। शहर से लेकर सुदूर पर्वतीय गांवों तक सड़कों का निर्माण किया जा रहा है। विभिन्न जिलों के लिए हेली सेवाएं शुरू करने के साथ ही एयरपोर्ट्स और हेलीपोर्ट्स विकसित किए जा रहे हैं।
इन्हें दिया उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस वर्ष के उत्तराखंड गौरव सम्मान पुरस्कार से भारत के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, लोक गायक प्रीतम भर्तवाण, समाज सुधाकर एवं आध्यात्मिक गुरु माता मंगला, अभिनेता हेमंत पांडेय और डॉ. महेश कुड़ियाल को सम्मानित किया और शुभकामनाएं दीं।
रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, युवाओं का पलायन रुकेगा
सीएम धामी ने कहा कि राज्य पर्यटन, कृषि, बागवानी और उद्योग सहित विभिन्न क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसकी वजह से राज्य में वृहद स्तर पर व्यवसाय, स्वरोजगार और नौकरियों के अवसर सृजित हो रहे हैं। सरकार ने औद्योगिक नीति, लॉजिस्टिक नीति, स्टार्टअप नीति सहित अनेकों नई नीतियां बनाकर राज्य में पूंजी निवेश के अवसरों को बढ़ाने का कार्य किया है। ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में जल्द ही इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी बनेगी। वो दिन दूर नहीं जब प्रदेश में रोजगार के अवसरों को बढ़ाकर राज्य से पलायन की समस्य जड़ से खत्म हो सकेगी।
राज्यपाल ने ली पुलिस लाइन में रैतिक परेड की सलामी
राज्य स्थापना दिवस पर पुलिस लाइन देहरादून में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने रैतिक परेड की सलामी ली। इस बार परेड में आठ टुकड़ियों का नेतृत्व महिला कमांडरों ने किया। इसके अलावा परेड में सेकेंड और थर्ड इन कमांड भी महिला अधिकारी ही बनी थीं। इस दौरान पुलिस के साहसिक खेलों के आयोजन देख दर्शकों ने खूब तालियां बजाई।
परेड का नेतृत्व परेड कमांडर एसएसपी अजय सिंह ने किया। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि.) गुरमीत सिंह ने पेरड की सलामी ली। उन्होंने सभी परेड कमांडरों का परिचय लिया। इसके बाद उन्होंने अपने संबोधन में पुलिस परेड की सराहना की। इससे पहले वहां पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का उद्बोधन हुआ। अंत में पुलिस की विभिन्न टुकड़ियों और विंग की ओर से साहसिक खेल दिखाए गए। इस दौरान घुड़सवार दल की ओर से राज्यपाल को सलामी दी गई।
मोटरसाइकिल दस्ता डेयर डेविल्स पर महिला और पुरुष पुलिसकर्मियों ने संतुलन का वह खेल दिखाया कि लोगों ने दातों तले उंगलिया दबा ली। मोटरसाइकिल पर कोई योग मुद्रा में नजर आया तो कोई करतब करता दिखाई दिया। इसके साथ ही एंटी टेरेरिस्ट स्क्वाड (एटीएस) ने स्पेस रिसर्च सेंटर पर आतंकियों के हमले को नाकाम कर दिखाया। इसके बाद आतंकियों के कब्जे से एक बस को मुक्त कराने का प्रदर्शन भी एटीएस ने किया।
इन पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को राज्यपाल ने किया अलंकृत
-डीएसपी नंदन सिंह बिष्ट (सेनि.)-पुलिस पदक
-डीएसपी गणेश लाल(सेनि.)-पुलिस पदक
-डीएसपी गिरीजा शंकर पांडेय (सेनि.)-राष्ट्रपति का पुलिस पदक
-डीएसपी कमल सिंह पांवार (सेनि.)-पुसिल पदक
-डीएसपी विजय थापा (सेनि.)-पुलिस पदक
-एडीशनल डीएसपी विजेंद्र दत्त डोभाल- पुलिस पदक
-दलनायक शुकु लाल (सेनि.)-पुलिस पदक
-एसआई विशेष श्रेणी स्वर्गीय पूरन चंद पंत- पुलिस पदक
-एएसपी राकेश देवली=पुलिस पदक
-डीएसपी श्याम दत्त नौटियाल-पुलिस पदक
-एएसपी पंकज गैरोला-पुलिस पदक
-इंस्पेक्टर गिरीवर सिंह रावत -पुलिस पदक
-हेड कांस्टेबल अमीर चंद (सेनि.)-पुलिस पदक
-कांस्टेबल नरेश जोशी-जीवर रक्षा पदक