मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि गैरसैंण परिक्षेत्र का ग्रीष्मकालीन राजधानी के अनुरूप विकास के लिए अगले दस वर्षों में 25 हजार करोड़ खर्च किए जाएंगे। गैरसैंण के सुनियोजित विकास के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में समिति बनाई जाएगी। सोमवार को सीएम ने भराड़ीसैंण विधानसभा परिसर में 21वें राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में यह घोषणा की।
सीएम ने कहा कि सरकार ने रूरल ग्रोथ सेंटर प्रारंभ किया। प्रदेश में 104 सेंटरों को स्वीकृति दी जा चुकी है। 40 से अधिक शुरू भी हो गए हैं। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में एक रुपये में पानी का कनेक्शन दे रही है। कैंपा योजना में 10 हजार लोगों को रोजगार दिया जाएगा। अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना में 5 लाख तक निशुल्क इलाज की सुविधा दी गई है।
विधानसभा अध्यक्ष प्रेम चंद्र अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने गैरसैंण को प्रदेश की ग्रीष्मकालीन राजधानी बनाकर विकास को नया आयाम दिया है। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, उच्च शिक्षा राज्यमंत्री डा. धन सिंह रावत, महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य, विधायक महेंद्र भट्ट, सुरेंद्र सिंह नेगी, मुन्नी देवी शाह, भरत सिंह चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह बिष्ट के साथ ही कई जनप्रतिनिधि मौजूद थे।
डेढ़ लाख कर्मचारियों को दिवाली बोनस
मुख्यमंत्री ने अराजपत्रित कर्मचारियों, दैनिक वेतन भोगियों, निगम कर्मचारियों के लिए दिवाली बोनस की घोषणा की। ये सौगात करीब डेढ़ लाख कर्मचारियों को मिलेगी। सचिव वित्त अमित सिंह नेगी के मुताबिक, घोषणा के बाद वित्त विभाग शासनादेश जारी कर देगा।
सीएम ने की मां भाराड़ी की पूजा
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने गैरसैंण पहुंचते ही सबसे पहले भराडीसैंण स्थित मां भाराड़ी के मंदिर में पूजा-अर्चना की। सीएम ने मां भाराड़ी से प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इस दौरान मंत्रीगण व विधायक मौजूद रहे।
दुर्मीताल में उठाएंगे नौकायन का लुत्फ
50 साल बाद निजमूला घाटी के दुर्मीताल को फिर से पहचान मिल सकेगी। वर्ष 1971 में अतिवृष्टि से दुर्मीताल टूट गया था। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि दुर्मीताल का सर्वेक्षण करने के बाद यहां फिजीबिलीटी के आधार पर मत्स्य पालन, नौकायन और विद्युत उत्पादन के लिए मल्टीपरपज तालाब का निर्माण किया जाएगा।