इसी बीच आरोपी और कांग्रेस नेता संग्राम सिंह पुंडीर ने जिला एवं सत्र न्यायालय में फैसले को चुनौती थी। अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ शंकर राज की कोर्ट ने सीजेएम कोर्ट के सितंबर 2018 के आदेश को खारिज कर सरकार के अनुरोध को जनहित में बताया था।
इसी आधार पर सीजेएम विवेक श्रीवास्तव ने वाद वापस लेने की अर्जी को स्वीकार कर लिया। मुकदमे में भाजपा सरकार में मंत्री हरक सिंह रावत, यशपाल आर्य, सुबोध उनियाल, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह, पूर्व मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रदीप टम्टा, पूर्व विधायक हीरा सिंह बिष्ट, विधायक कुंवर प्रणव चैंपियन, सूर्यकांत धस्माना, लालचंद शर्मा, संग्राम सिंह पुंडीर, उपेन्द्र सिंह, मनीष नागपाल, कुंवर प्रताप सिंह, भूपेंद्र, विवेक खंडूरी, ब्रह्मस्वरुप ब्रह्मचारी समेत 25 नेता इस मामले में आरोपी थे।