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Uttarakhand: दूसरा चरण...1983 और राजस्व गांव रेगुलर पुलिस के 44 थानों, 33 चौकियों में हुए शामिल

Sun, 05 Oct 2025 04:16 PM IST
अलका त्यागी अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून

सार

देश में उत्तराखंड राज्य ही अकेला राज्य है जो इस पुरानी कानून व्यवस्था को ढो रहा है। अपराध बढ़ने और अपराधियों के तौर तरीकों में बदलाव को देखते हुए कई बार इस व्यवस्था को खत्म करने की बात हुई लेकिन इसमें किसी न किसी तरह की अड़चन आती गई।
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- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड से अब एक सदी से भी पुरानी राजस्व पुलिस व्यवस्था पूरी तरह खत्म होने जा रही है। दूसरे चरण के तहत 1983 गांवों को मौजूदा रेगुलर थानों और चौकियों में शामिल कर लिया गया है। इसे शासन ने मंजूरी दे दी है।

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जबकि, 2440 गांवों को नए थाने चौकी बनाकर रेगुलर पुलिस के क्षेत्र में शामिल करना है। इस प्रस्ताव पर फिलहाल वित्त विभाग में मंथन चल रहा है। पिछले दिनों पुलिस ने कुल बचे हुए 4423 गांवों को रेगुलर पुलिस क्षेत्र में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था जिसके तहत यह कार्रवाई हुई है। इससे पहले वर्ष 2022 और 2023 में 3157 गांवों को रेगुलर पुलिस में शामिल किया गया था। इनमें से कुछ मौजूदा रेगुलर पुलिस के क्षेत्र में शामिल हुए थे और 1300 गांवों के लिए छह थानों और 20 चौकियों का सृजन किया गया था।

गौरतलब है कि देश में उत्तराखंड राज्य ही अकेला राज्य है जो इस पुरानी कानून व्यवस्था को ढो रहा है। अपराध बढ़ने और अपराधियों के तौर तरीकों में बदलाव को देखते हुए कई बार इस व्यवस्था को खत्म करने की बात हुई लेकिन इसमें किसी न किसी तरह की अड़चन आती गई। सितंबर 2022 में पौड़ी के यमकेश्वर ब्लॉक में अंकिता भंडारी की हत्या हुई जिसकी जांच के शुरुआती चरण में राजस्व पुलिस पर सवालिया निशान एक बार फिर खड़े हो गए। पहले सरकार ने और फिर हाईकोर्ट ने इस पुरानी व्यवस्था को खत्म करने के आदेश दिए। इसके लिए पुलिस विभाग को राजस्व क्षेत्रों में सर्वे करने का जिम्मा सौंपा गया।
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करीब तीन महीने तक चले सर्वे के बाद दिसंबर 2022 में 1800 गांवों को मौजूदा रेगुलर पुलिस थाना क्षेत्रों में शामिल कर लिया गया। इसके बाद फरवरी 2023 में नए थानों और चौकियों के सृजन को मंजूरी दे दी गई। तब से दूसरे चरण का सर्वे किया जा रहा था। अब गत जुलाई में दूसरे और अंतिम चरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया है। इसमें बचे हुए 4423 गांवों को रेगुलर पुलिस में शामिल करने की योजना है जिसमें से मौजूदा 44 थाने और 33 चौकियों में 1983 राजस्व गांवों को शामिल कर लिया गया है। 2440 गांवों के लिए नौ थानों और 44 रिपोर्टिंग पुलिस चौकियां बनाने के प्रस्ताव पर वित्त विभाग में मंथन चल रहा है।

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दूसरे चरण की व्यवस्था
- 2440 राजस्व गांवों को नियमित पुलिस में शामिल करने के लिए 09 थाने और 44 रिपोर्टिंग पुलिस चौकियां बनेंगी।
- 1983 राजस्व गांवों को मौजूदा नियमित पुलिस के 44 थानों और 33 पुलिस चौकियों में शामिल किया जाना है। (गृह विभाग ने दी मंजूरी)

पहले चरण में इस तरह हुई थी व्यवस्था
- दिसंबर 2022 को 1800 गांवों को नियमित पुलिस के 52 थाने और 19 चौकी क्षेत्रों में शामिल किया गया।
- फरवरी 2023 में 1357 गांवों को नियमित पुलिस क्षेत्र में शामिल किया गया। छह थाने और 20 चौकियां स्थापित हुईं।

पुलिस की ओर से राजस्व गांवों को रेगुलर पुलिस क्षेत्र में शामिल करने के लिए दूसरे चरण का प्रस्ताव शासन को मिला था। इसमें मौजूदा थाने चौकियों के विस्तार संबंधी प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। नए थाने और चौकियों के सृजन के संबंध में वित्त विभाग में कार्रवाई चल रही है।
- शैलेश बगौली, सचिव गृह
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