सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश के 1734 बलिदानियों के आंगन की मिट्टी को सैन्य धाम लाया जाना था, लेकिन उस दौरान 39 बलिदानी छूट गए थे। इस बीच 32 अन्य सैनिकों ने भी देश के लिए अपना बलिदान दिया। लोकार्पण से पहले छूटे हुए बलिदानियों के आंगन की मिट्टी को सैन्य धाम लाया जाना है। जल्द ही मुख्यमंत्री धामी के संरक्षण में पांचवें धाम सैन्य धाम का लोकार्पण होगा।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने कहा कि गढ़वाल राइफल्स का बेमिसाल युद्ध इतिहास रहा है। यहां के सैनिकों ने अपनी जान की बाजी लगाकर सरहद की रक्षा की। विधायक दिलीप रावत ने कहा कि गढ़वाल राइफल्स में वीरों को प्रशिक्षित कर उन्हें देश सेवा के लिए तराशा जाता है। उन्होंने शहीद सैनिकों की शहादत को चिरस्थायी बनाने के लिए बलिदानियों के नाम पर लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र में सरकारी प्रतिष्ठानों, सड़कों, अस्पतालों के नाम रखने की मांग की।
समारोह में ये रहीं खास बातें:
- शहीद सम्मान समारोह में जाने से पहले मुख्यमंत्री ने युद्ध स्मारक पर पुष्प चक्र चढ़ाकर बलिदानी सैनिकों का का स्मरण किया।
- मुख्यमंत्री के संबोधन के दौरान जन समुदाय ने भारत माता की जय, गढ़वाल राइफल्स की जय, वीर शहीद अमर रहें... नारे लगाए।
- सम्मान के दौरान जब बलिदानी सैनिकों की पत्नियां अपनी गोद में बच्चों के साथ मंच पर पहुंचीं, तो मुख्यमंत्री ने बच्चों को अपनी गोद में लिया।
- गोरखा रेजिमेंट में तैनात 25 वर्षीय सूरज सिंह नेगी की शहादत पर समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हुआ।