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उत्तराखंड: डेंगू के डंक से पुलिस भी पस्त, करीब 150 पुलिसकर्मी पड़े बीमार

Tue, 17 Sep 2019 08:27 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
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- फोटो : फाइल फोटो
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डेंगू के डंक ने उत्तराखंड पुलिस को भी पस्त कर दिया है। सूत्रों की मानें तो अब तक करीब 150 पुलिसकर्मी डेंगू की चपेट में आ चुके हैं और उनका उपचार चल रहा है। इनमें पीएसी के जवान भी शामिल हैं। इतनी बढ़ी संख्या में पुलिसकर्मियों के बीमार पड़ने से कामकाज प्रभावित होने लगा है। एसपी सिटी श्वेता चौबे, सीओ और कई इंस्पेक्टर भी वायरल बुखार से पीड़ित हैं। एसएसपी अरुण मोहन जोशी ने बीमार पुलिसकर्मियों को समुचित उपचार मुहैया कराने के लिए सीओ सिटी को नोडल अधिकारी बनाया है। डेंगू के डंक ने सबसे पहले डालनवाला कोतवाली और करनपुर चौकी के पुलिसकर्मियों को अस्पताल पहुंचाया था। इसके बाद थाने और चौकियों में फॉगिंग कराई गई थी। बावजूद इसके स्थिति बिगड़ती जा रही है।

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78 और मरीजों में डेंगू की पुष्टि 
देहरादून जनपद में डेंगू का प्रकोप थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भी जिले में 78 नए मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इसके साथ अब डेंगू के मरीजों की संख्या 1866 पहुंच गई है। शुरूआत में डेंगू के मच्छर ने रायपुर और इससे सटे इलाकों में कहर बरपाया था, लेकिन अब शायद ही कोई ऐसा इलाका हो डेंगू के कहर से बचा हो। शहर के पॉश इलाके में स्थित एक नामी स्कूल में तो अनिश्चितकालीन छुट्टी तक कर दी गई है। शहर का कोई ऐसा अस्पताल नहीं जहां पर डेंगू के मरीज भर्ती न हों। इसके अलावा सैकड़ों मरीज घर पर ही इलाज करा रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके गुप्ता ने बताया कि डेंगू के प्रकोप को कम करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। स्कूलों के माध्यम से प्रचार प्रसार के साथ-साथ अन्य कदम भी उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही नगर निगम की टीमें लगातार शहर में फॉगिंग कर रही हैं। 

पुलिस लाइन में ही पुलिस और पीएसी के करीब 35 कर्मचारी डेंगू की चपेट में हैं।  ऋषिकेश कोतवाली में डेंगू पीड़ितों की संख्या 25 पार कर गई है। सूत्रों के मुताबिक करीब 150 पुलिसकर्मी फिलहाल बेड पर हैं। एसपी सिटी श्वेता चौबे भी दो दिन से वायरल की चपेट में है। जबकि, उनके स्टेनो डेंगू से पीड़ित हैं। 

इसके अलावा एसएसपी के पीआरओ शाखा प्रभारी धर्मेंद्र रौतेला और धर्मेंद्र बिष्ट डेंगू और उप निरीक्षक राहुल कापड़ी वायरल से पीड़ित हैं। एसएसपी अरुण मोेहन जोशी अस्पताल और घर पहुंचकर इन पुलिसकर्मियों का हालचाल पूछ चुके हैं।

इंस्पेक्टर विकासनगर प्रदीप बिष्ट के अलावा कई शाखाओं के प्रभारी डेंगू से पस्त हैं। सचिवालय में तैनात पीएसी के कई जवान भी डेंगू से पीड़ित हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने माना कि डेंगू पीड़ित पुलिसकर्मियों का आंकड़ा बढ़ा है। इसी के मद्देनजर सीओ सिटी शेखर सुयाल को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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नर्स को डेंगू, खून चढ़वाने को भटक रहे थैलेसीमिया मरीज

कोरोनेशन अस्पताल में थैलेसीमिया मरीजों के लिए तैनात नर्स को डेंगू हो गया है। जिसकी वजह से थैलेसीमिया पीड़ित खून चढ़वाने के लिए पांच दिन से भटक रहे हैं।  दरअसल, कोरोनेशन अस्पताल में थैलेसीमिया वार्ड में चार नर्सों के पद स्वीकृत हैं। इनमें दो पुरूष और दो महिलाओं के पद हैं। लंबे समय से यहां दो नर्स (एक पुरुष) काम कर रहे थे। उनमें से करीब एक माह पहले पुरुष नर्स ने काम छोड़ दिया। उसके बाद एक नर्स शेष थी, लेकिन वह भी पिछले सप्ताह डेंगू होने पर छुट्टी चली गईं।

अब अस्पताल में खून चढ़ाने आने वाले बच्चों को खून चढ़वाने वाला कोई नहीं है। बच्चों के परिजनों ने बताया कि कई मरीज निजी अस्पतालों में खून चढ़वाने को मजबूर हैं। इस संबंध में सीएमएस डॉ. बीसी रमोला ने बताया कि सोमवार से एक स्टाफ को लगाया है। इससे मरीजों को थोड़ी राहत मिली है। नर्सों की भर्ती के लिए कई बार सीएमओ को लिखा जा चुका है। लेकिन, एनएचएम कोटे से नर्सों की भर्ती नहीं हो रही है। 

एक अस्पताल का स्टाफ आने को तैयार नहीं 
शहर के एक बड़े अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ मौजूद है। लेकिन, सूत्रों का कहना है कि वह स्टाफ वहां से आने को तैयार ही नहीं है। कई बार सीएमओ स्तर से इनके ट्रांसफर की कोशिश की। लेकिन राजनीतिक पकड़ के कारण वह स्टाफ वहां से आने को तैयार ही नहीं है।
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