उत्तराखंड शासन ने राज्य वित्त आयोग के तहत प्रदेश की सभी शहरी निकायों को 2021-22 की तिमाही किस्त के रूप में 148 करोड़ 23 लाख 89 हजार रुपये की धनराशि जारी कर दी है।
गुरुवार को मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की मंजूरी के बाद वित्त विभाग ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए। यह धनराशि पांचवें राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों की प्रत्याशा में चौथे राज्य वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप जारी की गई है।
आठ नगर निगमों के लिए 65.6 करोड़, 41 नगर पालिकाओं के लिए 64.8 करोड़, 38 नगर पंचायतों के लिए 15.7 करोड़, गैर निर्वाचित निकायों (बदरीनाथ, केदारनाथ व गंगोत्री) के लिए पचास लाख और पेंशन निधि में 1.4 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
निकायों को 31 अगस्त तक खर्च करनी होगी पूर्व में मंजूर धनराशि
शासन ने शहरी निकायों के लिए पूर्व में जारी धनराशि खर्च करने की मियाद 31 अगस्त तक बढ़ा दी है। ये धनराशि निकायों को 14वें और 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के तहत जारी हुई थी, लेकिन लॉकडाउन व अन्य कारणों से निकाय धनराशि का उपयोग निर्धारित समयावधि में नहीं कर पाए। उन्होंने कोविड का हवाला देते हुए शासन से धनराशि के उपयोग के लिए समयावधि बढ़ाने का अनुरोध किया था।
उनके अनुरोध पर शासन ने समयावधि बढ़ा दी है, लेकिन इसके साथ ही यह हिदायत भी दी है कि बढ़ाई गई अवधि में धनराशि का उपयोग न होने पर संबंधित निकाय के अधिशासी अधिकारी उत्तरदायी होंगे। निदेशक शहरी विकास विभाग समय-समय पर निकायों की धनराशि के उपयोग की समीक्षा करेंगे। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि निर्धारित अवधि में धनराशि का उपयोग न होने पर संबंधित निकाय के अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कठोर कार्रवाई करते हुए उनका स्पष्टीकरण लेंगे और इससे वित्त विभाग को अवगत कराएंगे। उन्हें दोनों आयोगों के अलग अलग उपयोगिता प्रमाण पत्र देने होंगे।