उत्तराखंड के 12 हजार गांव आने वाले दिनों में इंटरनेट से जुड़ जाएंगे। चारधाम क्षेत्र की डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाया जाएगा। राज्य के सीमांत क्षेत्र में इंटरनेट कनेक्टिविटी के लिए अलग से परियोजना तैयार होगी। यह सहमति मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और केंद्रीय सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद के बीच सोमवार को बनीं। नई दिल्ली के प्रवास पर गए मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री उत्तराखंड में भारत नेट फेज 2.0 परियोजना का मसला उठाया। उन्होंने बताया कि परियोजना की सैद्धांतिक मंजूरी पहले से मिल गई है। उन्होंने केंद्रीय मंत्री से परियोजना की वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी शीघ्र जारी करने का अनुरोध किया। वार्ता में चारधाम क्षेत्र की डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत बनाने पर सहमति बनी। साथ ही यह भी निर्णय लिया गया कि बॉर्डर एरिया में इंटरनेट कनेक्टिविटी के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रोजेक्ट बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में इंडिया एंटरप्राइज आर्किटेक्चर परियोजना शीर्ष प्राथमिकता से लागू किए जाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि परियोजना में शामिल होने से कृषि, स्वास्थ्य शिक्षा जैसे विभागों की कार्यप्रणाली को प्रदेशव्यापी कंप्यूटरीकरण हो सकेगा। कोरोना संकट से सीख लेते हुए ऐसा किया जाना बहुत आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण सहयोग से उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर विकास कार्य हो रहे हैं। उन्होंने उत्तराखंड की कठिन भौगोलिक, महत्वपूर्ण सामरिक स्थिति और आपदा के प्रति संवेदनशीलता का भी जिक्र किया।
उन्होंने ने कहा कि भारतनेट परियोजना की स्टेट-लेड मॉडल में समयबद्धता के साथ क्रियान्विति होना बहुत जरूरी है। परियोजना में अनावश्यक विलंब न हो, इसके लिए प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी जल्द से जल्द दिया जाए। केंद्रीय मंत्री ने मुख्यमंत्री को हरसंभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।