मंगलवार सुबह कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत कोटद्वार से देहरादून के लिए निकले। हरिद्वार पहुंचने पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन कौशिक ने हरक सिंह रावत के साथ डामकोठी अतिथि गृह में करीब एक घंटे वार्ता की। वार्ता बंद कमरे में दोनों के बीच हुई। अचानक मदन कौशिक और हरक सिंह रावत की वार्ता से सियासी गलियारों में चर्चाएं शुरू हो गईं। हर कोई इस वार्ता के मायने निकालने में जुट गया। वार्ता के बाद हरक सिंह रावत कैबिनेट की बैठक में शामिल हुए।
ये एक रुटीन बैठक थी। मेरी हरक सिंह से अकसर वार्ता होती रहती है। इससे ज्यादा कुछ नहीं है। हरक सिंह हमारे वरिष्ठ नेता हैं और संगठन से जुड़े मसलों पर हम चर्चा करते ही रहते हैं।
- मदन कौशिक, प्रदेश अध्यक्ष, भाजपा
मैं कोटद्वार से लौट रहा था। मुझे प्रदेश अध्यक्ष का फोन आया। उनके साथ कुछ देर वार्ता हुई। यह एक सामान्य मुलाकात थी। जब दो नेता बैठेंगे तो राजनीति पर चर्चा तो होगी ही।
- डॉ. हरक सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री
भाजपा की रहेगी अब आर्य पर नजर
करीब साढ़े चार साल से अधिक समय भाजपा में बिताकर कांग्रेस में लौटे पूर्व कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य पर अब भाजपा केंद्रीय व प्रांतीय नेतृत्व की निगाह रहेगी। कांग्रेस आर्य को दल-बदल के अभियान में उतार सकती है। कांग्रेस के पास आर्य अब ऐसे सूत्रधार हैं, जो बगावत कर भाजपा में गए विधायकों व मंत्रियों से संपर्क साधने का जरिया हो सकते हैं।
उधर, आर्य और उनके बेटे के कांग्रेस में जाने के बाद भाजपा में सन्नाटा है। ईंट का जवाब पत्थर से कैसे दिया जाए, इस बारे में गहन मंथन हो रहा है। साथ ही कमजोर कड़ियों पर निगेहबानी बढ़ाने और उनसे निरंतर संवाद का सिलसिला जारी रखने का अभियान शुरू हो गया है। कौशिक और हरक हरिद्वार में हुई मुलाकात के यही मायने टटोले जा रहे हैं।