कलिंग उत्कल एक्सप्रेस का हादसा कितना भयावह रहा होगा उसकी कल्पना छह वर्षीय बालिका तनिष्का की आंखों में देखकर की जा सकती है। शनिवार की रात हरिद्वार पहुंचे इस ट्रेन के यात्रियों में से लगभग 150 यात्री शांतिकुंज में ठहरे हैं। इनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के लोग शामिल हैं। यह सभी सोमवती अमावस्या के पर्व पर गंगा स्नान के लिए हरिद्वार आ रहे थे।
आगरा निवासी उपेंद्र बिहारी की 6 वर्षीय तनिष्का पुत्री और उनके साथ के कई घायल यात्रियों का उपचार शांतिकुंज में चल रहा है। अपनी मां नंदनी व कोटा राजस्थान से आई मौसी कल्पना से चिपकी तनिष्का ने कहा एकदम जोर की आवाज आई और पूरा डिब्बा हिलने लगा।
सीट से गिरने पर उसके सिर पर चोट लग गई। तनिष्का का कहना है कि अभी हादसे का डर मन से गया नहीं है। ग्राम मऊ आगरा निवासी 70 वर्षीय कल्याण सिंह भी परिवार और गांव के अन्य लोगों के साथ गंगा स्नान के लिए उत्कल एक्सप्रेस से हरिद्वार आ रहे थे। उनके सिर पर गहरा घाव है।
शांतिकुंज के चिकित्सालय में उनकी जांच पड़ताल करने के बाद मरहम पट्टी की गई है। बिलासपुर छत्तीसगढ़ निवासी 67 वर्षीय अहिल्या मिश्रा भी इसी ट्रेन से शांतिकुंज आ रही थी। वह शांतिकुंज में दान करने के लिए ही आ रही थी। उसके पैरों में चोट लगी है।
अहिल्या ने बताया कि ट्रेन की रफ्तार बहुत अधिक थी और वह दुर्घटना के पहले से बहुत डरी हुई थी। उसने बताया कि किताब पढ़ कर ध्यान बटा रही थी। इसी दौरान हादसा हो गया। उन्होंने बताया कि ट्रेन के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद वह जैसे तैसे खतौली गांव गई और फिर मुजफ्फरनगर से बसे हरिद्वार पहुंची। मुरैना मध्य प्रदेश निवासी 62 वर्षीय रामविलास शर्मा और उसके का साथी भी शांतिकुंज में है। दोनों के पैरों में चोटे लगी है।