ईद मिलादुन्नबी के दिन मोमिन नबियों के नबी पैगंबर हजरत मोहम्मद मुस्तुफा सल्ललाहु अलैहि वसल्लम की विलादत की खुशी मनाते हैं। उलेमाओं ने फरमाया की ईद मिलादुन्नबी के दिन मुसलमानों को अपने प्यारे नबी की सुन्नतों का एहतमाम करना चाहिए। इसमें उलेमाओं ने पैगंबर-ए-इस्लाम की सुन्नतों पर तकरीर की। वहीं घरों में कुरान ख्वानी की महफिल आयोजित की। कलियर सहित आसपास की मस्जिदों और मदरसों में महफिले मिलाद का आयोजन किया गया।
तिलावते कलाम पेश की
साबिर पाक के 753वें सालाना उर्स में हजरत मोहम्मद सल्ललाहु अलैहि वसल्लम के पैदाइश के अवसर पर दरगाह साबिर की जामा मस्जिद सहित अन्य मस्जिदों में ईद मिलादुन्नबी मनाया गया। ईद मिलादुन्नबी की शुरुआत जामा मस्जिद के इमाम हाफिज अब्दुल वाहिद और सऊद साबरी ने तिलावते कलाम पाक से की। देश के कोने कोने से आए मशहूर कारी एवं हाफिजों ने किरात में कलाम-ए-पाक पढ़ा।
जुलूस ए मोहम्मदी निकाले गए
ईद मिलादुन्नबी के मौके पर अलग-अलग क्षेत्रों में जुलूस ए मोहम्मदी निकाले गए। इसमें बड़ी संख्या में जायरीनों ने शिरकत की। साबिर पाक के सालाना उर्स और ईद मिलादुन्नबी के मौके पर कलियर, बढेड़ी राजपूतान, ज्वालापुर, सुल्तानपुर और गढ़मीरपुर आदि आसपास क्षेत्रों से जुलूस निकाले गए। इस दौरान अकीदतमंदों ने नव दरगाह साबिर पाक में चादर पेश कर अमनो अमान की दुआ मांगी।