देहरादून। अंकिता प्रकरण में कांग्रेस ने एक बार फिर भाजपा पर हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने आरोप लगाया कि उर्मिला सनावर को नार्को टेस्ट से दूर रखने के लिए गिरफ्तारी की गई है। उन्होंने दावा किया कि उर्मिला के खिलाफ करीब एक दर्जन मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेल भेजा गया है।
अपने कैंप कार्यालय में मीडिया से वार्ता में उन्होंने कहा, भाजपा को आशंका है कि नार्को टेस्ट में उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर से पूछताछ के दौरान अंकिता प्रकरण में कथित वीआईपी से जुड़े तथ्य सामने आ सकते हैं। ऐसे में पूरे देश की राजनीति में बड़ा विवाद खड़ा हो सकता है। कहा, इसी के चलते उर्मिला सनावर को साजिश के तहत जेल भेजा गया है।
उन्होंने मांग की कि सीबीआई यह सुनिश्चित करे कि उर्मिला सनावर और सुरेश राठौर का नार्को टेस्ट कराया जाए, ताकि मामले से जुड़ा सच सामने आ सके। धस्माना ने कहा, जब तक अंकिता प्रकरण में सामने आए तमाम सवालों के जवाब नहीं मिलते, तब तक न्याय की प्रक्रिया अधूरी रहेगी। कांग्रेस इस मामले को लेकर सड़क से सदन तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
नार्को टेस्ट की सहमति के बाद गिरफ्तारी क्यों
प्रदेश कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी ने अभिनेत्री उर्मिला सनावर की गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाते हुए कहा कि 23 अक्तूबर को उर्मिला ने अदालत में नार्को और पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सहमति दी थी। इसके बाद 25 अक्तूबर को उन्हें एक अन्य मामले में गिरफ्तार कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि 26 अक्तूबर को मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया होनी थी। गरिमा ने सवाल उठाया कि जब उर्मिला सनावर नार्को टेस्ट के लिए सहमत हो चुकी थी और कथित वीआईपी से जुड़े आरोपों की जांच का मुद्दा सामने था, तो उनकी गिरफ्तारी के समय को लेकर सरकार सवालों के घेरे में है। सरकार को यह स्पष्ट करना चाहिए कि उर्मिला की गिरफ्तारी से कथित वीआईपी की भूमिका की जांच किसी भी तरह प्रभावित तो नहीं होगी। कहा कि यदि उर्मिला के खिलाफ किसी अन्य मामले में शिकायत दर्ज हुई है तो उसकी कानून के अनुसार निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन इस जांच और अंकिता हत्याकांड से जुड़े सवालों की जांच को स्वतंत्र एवं पारदर्शी रखना सरकार की जिम्मेदारी है।