चौथे प्रयास में पास की परीक्षा
उन्होंने बताया कि वह कक्षा 10 से ही सिविल सेवा परीक्षा में सफलता पाने का मन बना चुकी थीं। इसके लिए उन्होंने घर पर ही तैयारी करना शुरू कर दी। पढ़ाई के साथ-साथ वह तैयारी में जुटी रही। यही नहीं उन्होंने तीन बार सिविल सेवा परीक्षा में प्रतिभाग किया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल सकी। बार-बार की असफलताओं से भी उनका मन अपने लक्ष्य से विचलित नहीं हुआ और चौथे प्रयास में उन्होंने परीक्षा को पास करके 312 वीं रैंक हासिल करने में सफलता पा ली। उनकी सफलता से उनके परिवार, गांव में उत्साह व खुशी का वातावरण बना हुआ है।