धूलकोट स्थित ग्राफिक एरा अस्पताल में सोमवार को एक मरीज की मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। कालसी निवासी 51 वर्षीय मुन्ना लाल की मौत से आक्रोशित तीमारदारों ने चिकित्सकों पर इलाज में घोर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। विरोध-प्रदर्शन के चलते अस्पताल में काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
परिजनों ने बताया कि मुन्ना लाल को एक दिन पहले ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वे खुद चलकर अस्पताल पहुंचे थे और रविवार रात तक उनकी तबीयत पूरी तरह सामान्य थी। रात को चिकित्सकों ने भी स्थिति ठीक बताई थी, लेकिन सोमवार तड़के करीब 5:00 बजे तीमारदारों को अचानक उनके निधन की खबर दे दी गई। इस सूचना से परिजन अवाक रह गए। अस्पताल पहुंचे ग्रामीणों और परिजनों ने सीधा सवाल उठाया कि जब रात तक मरीज की हालत ठीक थी, तो चंद घंटों में ऐसा क्या हुआ कि उनकी जान चली गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग उठाई है।
हंगामे की सूचना पर उत्तराखंड क्रांति दल के नेता यशपाल नेगी भी समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटना को लेकर अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने सरकार और स्वास्थ्य विभाग से मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है, ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सके और संबंधित की जिम्मेदारी तय की जा सके।
परिजनों की ओर से लगाए गए लापरवाही के सभी आरोप पूरी तरह से गलत और निराधार हैं। मरीज मुन्ना लाल को पहले भी हार्ट अटैक पड़ चुका था। अस्पताल में उनका उपचार सभी तय चिकित्सकीय मानकों के अनुसार ही किया जा रहा था। अचानक उनका ब्लड प्रेशर काफी कम हो गया, जिससे हालत बिगड़ी और तमाम प्रयासों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका। - डॉ. संदीप माल्या, मीडिया प्रभारी, ग्राफिक एरा अस्पताल।