सेल्फ स्टडी से पाया मुकाम
बगैर कोई कोचिंग और ट्यूशन लिए उन्होंने सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। इससे पूर्व उन्होंने उत्तराखंड पीसीएस का मेंस क्वालीफाई किया, लेकिन इंटरव्यू में रह गईं। वहीं यूपीपीएससी में इंटरव्यू के करीब तक पहुंच कर रह गईं। इस बार मेहनत रंग लाई और इंटरव्यू में भी आकांक्षा को सफलता मिली। आकांक्षा ने बताया कि बचपन से उनका सपना सिविल सेवा में जाने का था, यह उनके माता-पिता के कारण पूरा हुआ है। बताया, उन्हें बतौर डिप्टी कलेक्टर नियुक्ति मिलेगी।