उपनल कर्मचारी महासंघ ने 12 दिसंबर को सीएम आवास कूच करने वाली महारैली में 12 हजार से अधिक उपनल कर्मियों के शामिल होने का दावा किया है। महारैली की तैयारी के लिए प्रदेश भर से महासंघ के अधिकतर पदाधिकारी दून पहुंच गए हैं। शनिवार को उपनल कर्मी रैली की रणनीति बनाते नजर आए।
उपनल कर्मियों का परेड ग्राउंड में चल रहा धरना शनिवार को 17वें दिन भी जारी रहा। धरने में वक्ताओं ने कहा कि सरकार उपनल कर्मियों की नियमितीकरण की मांग पूरा करने को तैयार नहीं है। उपनल कर्मियों से सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। सरकार अब हठधर्मिता पर उतर आई है।
पुलिस के जरिये उपनल कर्मियों का उत्पीड़न कर उन्हें जेल तक भेजा जा रहा है। मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा उपनल कर्मियों को नई भर्ती में अधिमान (वेटेज) दिए जाने का लॉलीपाप थमाने की कोशिश की जा रही थी। जिसे महासंघ ने सिरे से नकार दिया है। इसलिए उपनल कर्मी 12 दिसंबर की महारैली पर अडिग है।
इसके बाद आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। धरने में महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष भावेश जगूड़ी, महासचिव महेश भट्ट, विद्यासागर धस्माना, पीएस धामी, कुशाग्र जोशी, नरेश शाह, पूजा रावत, रेनू रावत, पिंकी राणा, सिमरन क्षेत्री, निधि भंडारी, खुशहाल जोशी, मनोज सेमवाल, दिनेश रावत आदि शामिल रहे।