राजधानी देहरादून में उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत और यूपी के सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव के बीच हुई बैठक में यूपी और उत्तराखंड के बीच परिसंपत्तियों के बंटवारे पर सहमति बन गई। यूपी सिंचाई विभाग उत्तराखंड की भौगोलिक सीमा में स्थित 25 सरकारी भवनों को 31 मार्च तक राज्य सरकार को सौंप देगा। साथ ही यूपी जल्द ही 37 नहरों का संचालन भी उत्तराखंड सिंचाई विभाग को सौंप देगा।
मुख्यमंत्री हरीश रावत और यूपी के सिंचाई मंत्री शिवपाल यादव की मौजूदगी में परिसंपत्तियों के बंटवारे को लेकर कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी। जामरानी बांध के निर्माण को लेकर दोनों राज्यों के बीच एमओयू पर जल्द ही हस्ताक्षर करने का भी निर्णय लिया गया।
बैठक में 38 वें राष्ट्रीय खेल को लेकर भी चर्चा हुई। सहमति बनी कि वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियों के लिए यूपी हरिद्वार के पास जमीन मुहैया कराएगा। ताकि स्थायी निर्माण कराए जा सके। बैठक में गंगा के संरक्षण पर भी चर्चा हुई। निर्णय लिया गया कि हरिद्वार में नालों को बंद करके उन्हें एक समानांतर कैनाल या पाइप लाइन के जरिए बाहर ले जाया जाएगा। निर्माण कार्यों पर आने वाला खर्च यूपी सरकार वहन करेगी।
एक दूसरे के पूरक हैं यूपी और उत्तराखंडः सीएम
मुख्यमंत्री रावत ने कहा कि यूपी और उत्तराखंड एक दूसरे के पूरक हैं। मिलजुलकर ही तरक्की की जा सकती है। पुरानी ऊपरी गंगनहर रुड़की में वाटर स्पोर्ट्स के लिए यूपी द्वारा सहमति दी गई।
बैठक में नहरों के हस्तांतरण पर भी चर्चा हुई। सहमति बनी कि जिन नहरों के हेड और टेल उत्तराखंड में हैं लेकिन स्वामित्व यूपी के पास है, उन्हें उत्तराखंड को जल्द सौंपा जाएगा। ऐसी कुल 37 नहरें हैं जिसमें से 28 नहरें हरिद्वार और नौ नहरें ऊधमसिंह नगर में हैं।
जमरानी बांध के निर्माण पर निर्णय लिया गया कि एमओयू का ड्राफ्ट तैयार है। इसे दोनों राज्यों की कैबिनेट से जल्द ही अनुमोदित कराकर केंद्र सरकार को मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।
मार्च में दोनों राज्य करेंगे एमओयू पर हस्ताक्षर
बैठक में तय किया गया कि मार्च माह में एमओयू पर दोनों राज्यों के अधिकारियों द्वारा हस्ताक्षर कर दिए जाएंगे। बैठक में रामगंगा में जल संभरण बढ़ाने, टिहरी बांध से प्रभावित ग्रामीणों के पुनर्वास समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई।
दोनों राज्यों के बीच इस बात पर भी सहमति बनी कि उत्तराखंड की सीमा में यूपी की ऐसी भूमि व संपत्ति जो उनके उपयोग में नहीं आ रही है, उत्तराखंड को बेची या लीज पर दी जाएगी।
बैठक में सिंचाई मंत्री यशपाल आर्य, मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राकेश शर्मा, यूपी के प्रमुख सचिव दीपक सिंघल सहित कई आला अफसर उपस्थित थे।