केंद्र के हस्तक्षेप से उत्तराखंड और यूपी के बीच चला आ रहा पेंशन प्रतिपूर्ति संबंधी प्रकरण का निस्तारण हो गया है।
यह तय हुआ है कि उत्तर प्रदेश सरकार 31 मार्च 2017 तक की पेंशन राशि के रूप में 2933.13 करोड़ रुपये का भुगतान उत्तराखंड सरकार को करेगी। गृह मंत्रालय के निर्देश पर इस लंबित मुद्दे का निस्तारण होने पर मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्र सरकार का आभार व्यक्त किया है।
उत्तराखंड के अलग राज्य बनने के बाद उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में कर्मचारी यहां आए थे। ये कर्मचारी जब सेवानिवृत्त होने लगे तब इनकी पेंशन का पैसा यूपी से आया। इधर उत्तराखंड के महालेखाकार की ओर से कुछ आपत्तियां दर्ज कराए जाने के बाद अप्रैल-11 से पेंशन की प्रतिपूर्ति यूपी से बंद हो गई। इसके बाद से यह मामला दोनों राज्यों के बीच फंसकर रह गया।
इधर दोनों राज्यों में भाजपा सरकारें आने के बाद गृह मंत्रालय से हस्तक्षेप कर इस मुद्दे के निस्तारण की मांग की गई। बीती 10 जुलाई को गृह मंत्रालय ने दोनों राज्यों के आला अधिकारियों को दिल्ली बुलाकर बैठक की। मंगलवार को इस बैठक के मिनिट्स जारी किए गए हैं, जिसमें महालेखाकार की आपत्तियों का निस्तारण किए जाने की बात कही गई है।
साथ ही यह तय हुआ कि मार्च-17 तक की बकाया राशि 2933.13 करोड़ रुपये का भुगतान यूपी सरकार करेगी। बैठक में गृह मंत्रालय के ज्वाइंट सेकेट्री दिलीप कुमार, उत्तराखंड की प्रमुख सचिव वित्त राधा रतूड़ी, निदेशक ट्रेजरी एनएन पंत, अपर सचिव वित्त अरुणेंद्र सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। उत्तराखंड सरकार के प्रवक्ता मदन सिंह कौशिक ने कहा कि अभी तमाम और मुद्दे निस्तारित होने बाकी हैं, जिसमें केंद्र सरकार की ओर से भरपूर सहयोग मिल रहा है।