बताया कि दूरदराज के लोगों को आयोग के कार्यालय में आने में होने वाली दिक्कतों को देखते हुए देवीपाटन और अयोध्या मंडल के आठ जिलों में आयोग ने स्वयं जिला स्तर पर जाकर मामलों का निस्तारण किया।
उप्रेती ने बताया कि लोगों को आरटीआई के प्रति जागरूक करने के लिए अब वह स्वयं गांवों में जाकर चौपाल लगाएंगे। उप्रेती मूल रूप से अल्मोड़ा जिले के रहने वाले हैं और राज्य सूचना आयुक्त का कार्यभार संभालने से पहले लगभग तीस साल तक पत्रकारिता में सक्रिय रहे चुके हैं।
पेड़ लगाने का दिया सांकेतिक दंड
अजय कुमार उप्रेती का कहना है कि दस्तावेजों के उपलब्ध न होने पर चाहकर भी सूचना न देने वाले लोक सूचना अधिकारियों पर जुर्माना लगाने की बजाय उनको पेड़ लगाने का सांकेतिक दंड दिया जा रहा है, इससे पर्यावरण संरक्षण भी हो रहा है।