उत्तर प्रदेश के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने हरिद्वार में विवादित बयान दिया है। उन्होंने यूपी की पूर्व सरकार को कसाइयों की सरकार बताया। कहा योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली सरकार आने से सांप्रदायिक ताकतों से जनता को मुक्ति मिल गई है। अब प्रदेश के सभी अवैध बूचड़खाने बंद करा दिए गए हैं।
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रविवार को हरिद्वार में भीमगोड़ा बैराज पर स्थित अलकनंदा गेस्ट हाउस में प्रेसवार्ता में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि यूपी की पूर्ववर्ती सपा सरकार ने किसान, मजदूरों का शोषण किया। किसान अपनी उपज के भुगतान के लिए तड़पते रहे और मजदूरों को मजदूरी नहीं मिली। अब यूपी में योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जो सरकार बनी है वो किसान, मजदूरों की सरकार है।
सरकार बनते ही किसानों के कर्जे का एक-एक लाख रुपये का माफ किया गया। बिजली की व्यवस्था सुधर गई। मजदूरों को भी काम और समय ये मजदूरी मिलने लगी है। उन्होंने ब्यूरोक्रेसी पर तंज कसते हुए कहा कि अधिकारी पूर्व में भी थे। अब योगी सरकार में इन्हीं अधिकारियों से काम ले रही है। पहले ये अधिकारी बूचड़खाने बंद कराने से डरते थे, अब इन्होंने ही बूचड़खाने बंद कराए।
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अब तस्करी भी बंद हो गई है। गोवंश हत्या पूरी तरह से बंद है। प्रदेश में भारत माता, वंदेमातरम, राष्ट्रगान, धर्मनिरपेक्षता की बात हो रही है। सरकार की विकास योजनाओं के साथ जन विकास योजनाओं का लाभ जनता को दिलाया जा रहा है।
यूपी के सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि शुक्रताल में घाट पर पानी उपलब्ध कराने के लिए सोलानी नदी को बाण गंगा से जोड़ा जाएगा। उन्होंने हरिद्वार में डामकोठी के पास बन रहे गेस्ट हाउस, चैनल स्कैप के निर्माण सहित अन्य कार्यों में जांच कराने को कहा। यूपी सिंचाई विभाग के प्रमुख सचिव सहित अन्य अधिकारियों के साथ भी उन्होंने बैठक की। बाद में प्रेसवार्ता में कहा कि उत्तराखंड को हरिद्वार की 28 नहरें और उधमसिंह नगर की पांच नहरें सौंप दी गई है।
अन्य संपत्तियों में उत्तर प्रदेश की 75 प्रतिशत की हिस्सेदार बदस्तूर रहेगी। कहा कि गंगा की अविरलता और निर्मलता के लिए 2500 क्यूसेक पानी हमेशा बहता रहेगा। पानी की कमी में गंगनहर सहित अन्य नहरों में पानी कम कर दिया जाएगा। गंगा सहित अन्य किसी भी नदी में फैक्ट्रियों या सीवर का गंदा पानी नहीं डालने दिया जाएगा। उन्होंने हरिद्वार में गंगा के वीआईपी घाट का नाम शंकराचार्य घाट रखने की घोषणा की। इस मौके पर प्रमुख सचिव सुरेश चंद्रा, प्रमुख अभियंता पीके सिंह, मुख्य अभियंता गंगा एसके शर्मा, मुख्य अभियंता स्तर वन जीपी द्विवेदी, मुख्य अभियंता पूर्वी गंगा विनय राठी आदि शामिल हुए।
हरिद्वार की ये 28 नहरें उत्तराखंड को सौंपी
हरिद्वार की 28 नहरें उत्तराखंड को सौंपी गई हैं। जिनमें जगजीतपुर राजवाहा, नैवीगेशन चैनल, कनखल अल्पिका, चांदपुर अल्पिका, पंजनहेडी, सराय, एकड़, मिल, इब्राहिमपुर, अहमदपुर लिंक, अलीपुर, बहादराबाद, रोहालकी, मनोहरपुर, बांयी खेलड़ी, दांयी खेलड़ी, मंगलौर, लिब्बरहेडी, नसीरपुर, हरचंदपुर, ब्रह्मपुर, देयकी, टिकौला, खेड़ा, गदरजुड़ा, लखनौता, कांगड़ी अल्पिका, तांसीपुर राजवाड़ा शामिल है। उधमसिंहनगर की 13 नहरों में से आठ नहर यूपी के अधीन ही रहेंगी। जबकि सहदौरा नहर, भांगा नहर, सिसया नहर, झनकट नहर, सड़सैया नहर उत्तराखंड के पास रहेगी।