अर्द्धकुंभ शुरू होने में एक माह से भी कम समय है। इसलिए परिवहन विभाग श्रद्धालुओं को लाने ले जाने की व्यवस्था बनाने में जुटा है।
इसके मद्देनजर शुक्रवार को परिवहन निगम के मुख्यालय में सीमावर्ती राज्यों के परिवहन अफसरों की बैठक हुई, जिसमें परिवहन विभाग ने भीड़भाड़ के दौरान राज्यों से अतिरिक्त बसें चलाने की अपील की। निगम ने अर्द्धकुंभ के दौरान सबसे ज्यादा 3300 बसें उत्तर प्रदेश से चलाने की मांग की है। साथ ही अन्य प्रदेशों से भी व्यवस्था के अनुसार बस की डिमांड की गई।
शुक्रवार को निगम मुख्यालय में उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, हिमाचल और राजस्थान परिवहन अफसरों की बैठक में लगभग 6400 बसें चलाने का निर्णय लिया गया। 6400 में से 5900 बसें उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, राजस्थान प्रदेशों से संचालन की बात कही गई। बेड़ा कम होने के बाद भी उत्तराखंड 500 बसें विशेष तौर पर चलाएगा।
बैठक में निर्णय हुआ कि जिन स्थानों से श्रद्धालुओं का ज्यादा दबाव रहेगा ये अतिरिक्त बसें वहीं से चलाई जाएंगी। इस दौरान जीएम प्रशासन उदय सिंह राणा, जीएम संचालन दीपक जैन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
अर्द्धकुंभ तक नही बढ़ेगा बेड़ा!
उत्तराखंड परिवहन निगम बसों को बेड़ा बढ़ाने के लिए शासन से 100 करोड़ केलोन की मंजूरी मिलने के बाद अभी तक पैसा रिलीज नहीं हुआ है। इसलिए निगम ने अभी तक किसी कंपनी को बस खरीदने के लिए आर्डर नहीं दिया। हालांकि निगम अफसरों का दावा है कि वो फरवरी माह में बसों की खरीद की प्रक्रिया पूर्ण कर लेंगे। ऐसे में यह लगभग साफ हो गया कि अभी अर्द्धकुंभ तक बसों का बेड़ा नहीं बढ़ेगा।
हर प्रदेश का एक नोडल अधिकारी
निगम मुख्यालय में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि हर प्रदेश का परिवहन निगम अर्र्द्धकुंभ के लिए अपना एक नोडल अफसर बनाएगा, जिससे बसों के संचालन में समन्वय बना रहे। निगम प्रबंधन ने सभी प्रदेशों से नोडल अधिकारी और कर्मचारियों की सूची बनाकर देने की अपील की। ताकि मेले में कैंप आदि व्यवस्थाओं को अमली जामा पहनाया जा सके।
ये रहेगी बसों की स्थिति
राज्य-बस
उत्तर प्रदेश-3300
हरियाणा-850
पंजाब-550
हिमाचल-400
राजस्थान-800
उत्तराखंड-500