दुश्मन के ठिकाने पर गुपचुप तरीके से नजर रखने के लिए डीआरडीओ के मानव रहित विमान पंछी (यूएवी) ने पहली परीक्षण उड़ान में सफलता हासिल कर ली है।
हवाई पट्टी से खुद उड़ान भर सकता है पंछी
पंछी के लिए दिन और रात में देखने की क्षमता के साथ लक्ष्य चिन्हीकरण की अत्याधुनिक प्रणाली देहरादून स्थित यंत्र अनुसंधान और विकास संस्थान (आईआरडीई) ने विकसित की है।
परीक्षण उड़ान में यह प्रणाली मानकों पर खरी उतरी है। यूएवी निशांत के और विकसित मॉडल पंछी में पहिये लगे हैं, जिससे वह किसी भी तरह की हवाई पट्टी से खुद उड़ान भर सकता है।
इससे पहले सेना में शामिल यूएवी निशांत को उड़ाने के लिए एक लांचर की आवश्यकता पड़ती है, जबकि उड़ान खत्म होने पर उसका इंजन बंद कर पैराशूट खोल दिया जाता है। पैराशूट से जमीन में उतरने के बाद उसे तलाशा जाता है।
रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पंछी को एडीई प्रयोगशाला ने विकसित किया है, लेकिन पंछी में लगी निगरानी प्रणाली आईआरडीई ने विकसित की है।
पंछी की खासियत
- दिन और रात में युद्ध क्षेत्र में हवाई जासूसी
- रियल टाइम इमेजिंग से क्षेत्र की निगरानी
- लक्ष्य का ढूंढना और चिन्हीकरण करना
- तोपों का सटीक निशाना साधने में मदद