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उत्तराखंड के इस आश्रम में बन रही ध्यान की अनूठी प्रयोगशाला

Sat, 09 Sep 2017 03:34 PM IST
अमरनाथ / अमर उजाला, डोल आश्रम (अल्मोड़ा)
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dol ashram in almora - फोटो : amarujala
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अल्मोड़ा जिले में धार्मिक पर्यटन के लिहाज से एक अनूठा आध्यात्मिक केंद्र खुलने जा रहा है। बाबा कल्याण दास अपनी जन्मभूमि का कर्ज उतारने के लिए अपने आश्रम परिसर ही अगले साल 15 अप्रैल को श्री यंत्र मंदिर का श्रीगणेश करेंगे, जिसमें श्रीयंत्र से ध्यान का अभिनव प्रयोग होगा।
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करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 125 फीट ऊंचा मंदिर निर्माण के अंतिम चरण में है। आश्रम परिसर में करीब 86 बच्चों की संस्कृत की निशुल्क शिक्षा दिला रहे बाबा कल्याण दास श्री यंत्र के ध्यान के जरिए नई आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रवाह की तैयारी में जुटे हैं। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से अष्टधातु से बना नौ क्विंटल वजनी श्री यंत्र दक्षिण भारत से मंगाया जा रहा है। 
 
अल्मोड़ा जिले में लमगड़ा के पास भाबृ में जन्मे बाबा कल्याण दास लगभग 12 साल की उम्र में ही संन्यासी हो गए थे। लंबी तपस्या के बाद अल्मोड़ा से 32 किमी दूर पनार नदी किनारे स्थित डोल में घने जंगल में श्री कल्याण सेवा आश्रम की स्थापना की। मां नर्मदा के वरद पुत्र माने जाने वाले बाबा कल्याण दास इन दिनों अमर कंटक में हैं।
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उनके पीछे आश्रम की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वामी विश्वेसरानंद ने बताया कि श्री यंत्र मंदिर की स्थापना कर प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है। गुरुजी (बाबा कल्याण दास) पंचाग्नि साधना के अलावा इस विधा के भी जानकार हैं। उन्होंने जो कुछ आध्यात्मिक उपलब्धि हासिल की, यह सब मां की कृपा से ही हुआ है। इसलिए गुरुजी की इच्छा है कि श्रीयंत्र मंदिर बना कर मां को धन्यवाद के रूप में समर्पित किया जाए।
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दक्षिण परंपरा से श्री यंत्र की पूजा होगी

सुबह नौ बजे से लेकर रात नौ बजे तक साधना होगी
मंदिर प्रबंधन के मुताबिक श्रीसूक्त मंत्र पाठ द्वारा उस यंत्र को जगाया जाएगा और मां त्रिपुरा सुंदरी की पूजा अर्चना होगी। यह छात्रों के लिए विशेष अध्ययन का विषय होगा। उन्होंने बताया कि इस पूजन में चिन्हों का विशेष महत्व होता है।

इस आश्रम में दक्षिण परंपरा से श्री यंत्र की पूजा होगी। पहले चरण में सवा करोड़ श्रीसूक्त का परायण होगा। सुबह नौ बजे से लेकर रात नौ बजे तक साधना होगी। अप्रैल में इस आयोजन में शंकराचार्य, मुरारी बापू समेत अनेक संत, महात्मा भाग लेंगे। 

वास्तुशास्त्र का भी विशेष ध्यान 
मंदिर प्रबंधन का दावा है कि श्रीयंत्र मंदिर का मॉडल बाबा कल्याण दास ने खुद ही बनाया है। पर्वतीय क्षेत्र में होने के कारण मंदिर को भूकंपरोधी बनाया जा रहा है। इस मंदिर का निर्माण ज्यामितीय पद्धति के आधार पर हो रहा है। ग्यारह हजार स्क्वायर फीट में बन रहे इस मंदिर के निर्माण में कई चीजें पूर्णांक पर आधारित हैं। इसमें पिलरों की संख्या 54 है। मंदिर की ऊंचाई 126 फीट और सीढ़ियों की संख्या 101 है। 
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