अल्मोड़ा जिले में धार्मिक पर्यटन के लिहाज से एक अनूठा आध्यात्मिक केंद्र खुलने जा रहा है। बाबा कल्याण दास अपनी जन्मभूमि का कर्ज उतारने के लिए अपने आश्रम परिसर ही अगले साल 15 अप्रैल को श्री यंत्र मंदिर का श्रीगणेश करेंगे, जिसमें श्रीयंत्र से ध्यान का अभिनव प्रयोग होगा।
करीब 25 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 125 फीट ऊंचा मंदिर निर्माण के अंतिम चरण में है। आश्रम परिसर में करीब 86 बच्चों की संस्कृत की निशुल्क शिक्षा दिला रहे बाबा कल्याण दास श्री यंत्र के ध्यान के जरिए नई आध्यात्मिक ऊर्जा के प्रवाह की तैयारी में जुटे हैं। करीब डेढ़ करोड़ रुपये की लागत से अष्टधातु से बना नौ क्विंटल वजनी श्री यंत्र दक्षिण भारत से मंगाया जा रहा है।
अल्मोड़ा जिले में लमगड़ा के पास भाबृ में जन्मे बाबा कल्याण दास लगभग 12 साल की उम्र में ही संन्यासी हो गए थे। लंबी तपस्या के बाद अल्मोड़ा से 32 किमी दूर पनार नदी किनारे स्थित डोल में घने जंगल में श्री कल्याण सेवा आश्रम की स्थापना की। मां नर्मदा के वरद पुत्र माने जाने वाले बाबा कल्याण दास इन दिनों अमर कंटक में हैं।
उनके पीछे आश्रम की जिम्मेदारी संभाल रहे स्वामी विश्वेसरानंद ने बताया कि श्री यंत्र मंदिर की स्थापना कर प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित किया जा रहा है। गुरुजी (बाबा कल्याण दास) पंचाग्नि साधना के अलावा इस विधा के भी जानकार हैं। उन्होंने जो कुछ आध्यात्मिक उपलब्धि हासिल की, यह सब मां की कृपा से ही हुआ है। इसलिए गुरुजी की इच्छा है कि श्रीयंत्र मंदिर बना कर मां को धन्यवाद के रूप में समर्पित किया जाए।