इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि गांव की बदनामी को रोकने को गलत कार्यों में लिप्त ग्रामीणों को अनैतिक कार्य छोड़ने होंगे। फरमान की नाफरमानी करने पर आरोपियों को ग्रामीण खुद पुलिस के हवाले करेंगे। फिर भी न सुधरने पर उन्हें गांव छोड़ना होगा। इस पर सभी ग्रामीणों ने सहमति जताई।
इससे पहले गांव के पूर्व चौधरी निहाल शाह ने पुलिस को कई बार लिखित में शिकायत भी की थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बैठक में रियासतदीन, गुड्डू, बरकत, हबीब, असगर अली, सलमान, अनवर, जाकिर, अकबर, मो. आरिफ, चांदूदीन, रफाकत आदि मौजूद थे।
इन राज्यों की पुलिस ने दी दबिश
ग्राम ठंडा नाला में वर्ष 2017 के सितंबर में ग्वालियर पुलिस, इसके ठीक एक हफ्ते बाद राजस्थान पुलिस और जुलाई 2019 को भीलवाड़ा राजस्थान की पुलिस और दो नवंबर को मुंबई पुलिस ने दबिश दी थी। स्थानीय पुलिस भी पूरे तरीके से गांव के लोगों और काफी संख्या में बाहर से आए लोगों का अभी तक सत्यापन नहीं करा सकी है। ब्यूरो